2 साल बाद कहां है अतीक का अतीत? महाकुंभ से पहले 'मुहल्ला कैद' पढ़िए ग्राउंड रिपोर्ट...

Global Bharat 24 Dec 2024 05:09: PM 2 Mins
2 साल बाद कहां है अतीक का अतीत? महाकुंभ से पहले 'मुहल्ला कैद'  पढ़िए ग्राउंड रिपोर्ट...

लखनऊ: पिछले चार दशकों से प्रयागराज में अतीक अहमद का दबदबा रहा है. उनकी आपराधिक गतिविधियों और राजनीतिक प्रभाव के चलते उत्तर प्रदेश में कई ठेके और परियोजनाएं उनके नियंत्रण में थीं. यहां तक कि महाकुंभ जैसे विशाल आयोजनों पर भी उनका और उनके सहयोगियों का वर्चस्व था. हालांकि, वर्तमान में परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं. योगी आदित्यनाथ सरकार ने माफिया राज पर कड़ा प्रहार करते हुए अतीक अहमद के साम्राज्य को ध्वस्त कर दिया है, जिससे उनके परिवार और सहयोगी अब आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं.

अतीक अहमद का उदय और प्रभुत्व

अतीक अहमद ने 1980 के दशक में अपराध की दुनिया में कदम रखा और धीरे-धीरे अपना साम्राज्य स्थापित किया. उनके खिलाफ हत्या, अपहरण, रंगदारी जैसे गंभीर आरोप थे. राजनीति में प्रवेश कर उन्होंने अपने आपराधिक नेटवर्क को और मजबूत किया, जिससे उन्हें सरकारी ठेकों और परियोजनाओं में हिस्सेदारी मिलती रही. महाकुंभ जैसे धार्मिक आयोजनों में भी उनका प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता था.

योगी आदित्यनाथ सरकार की कार्रवाई

2017 में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद उत्तर प्रदेश में माफिया और अपराधियों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू हुआ. सरकार ने 68 कुख्यात माफियाओं की सूची तैयार की, जिनमें अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी जैसे अपराधी शामिल थे. इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज की गई, जिससे 25 माफिया और उनके 44 सहयोगियों को सजा दिलाई गई. इनमें से दो को फांसी की सजा भी सुनाई गई है. 

अतीक अहमद की संपत्तियों पर कार्रवाई

सरकार ने अतीक अहमद की अवैध संपत्तियों पर भी कड़ा प्रहार किया. उनकी 1400 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को जब्त या ध्वस्त किया गया, जिससे उनके आर्थिक साम्राज्य को भारी नुकसान पहुंचा. 

महाकुंभ 2025: एक नया अध्याय

महाकुंभ 2025 की तैयारियों में योगी सरकार विशेष ध्यान दे रही है. इस बार का महाकुंभ पिछले 40 वर्षों से भिन्न होगा, क्योंकि इसमें माफिया राज का कोई स्थान नहीं होगा. सरकार ने 'हर घर जल गांव' जैसी पहल शुरू की है, जिसमें 40,000 वर्ग फीट क्षेत्र में प्रदर्शनी लगाई जाएगी. 'पेयजल का समाधान, मेरे गांव की नई पहचान' थीम पर आधारित इस प्रदर्शनी में उत्तर प्रदेश के नए गांवों की सफलता की कहानियां प्रस्तुत की जाएंगी. 

साफ-सफाई और पर्यावरण संरक्षण पर जोर

महाकुंभ 2025 को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए सरकार विशेष प्रयास कर रही है. दोना, पत्तल, जूट के थैले सब्सिडाइज्ड दरों पर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग उनका उपयोग करें. हाथ से दोना और पत्तल बनाने वालों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित होगा. 

विदेशी संतों की भागीदारी

महाकुंभ 2025 की भव्यता और स्वच्छता विदेशी संतों को भी आकर्षित कर रही है. जापान, नेपाल और स्पेन के संतों ने आयोजन की तारीफ की है और कहा है कि इस बार का महाकुंभ पिछले आयोजनों से भव्य और दिव्य होगा. 

सुरक्षा व्यवस्था और माफिया मुक्त आयोजन

सरकार ने महाकुंभ 2025 के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विशेष कदम उठाए हैं. माफिया और उनके सहयोगियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि माफिया और उनके गुर्गों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. 

योगी आदित्यनाथ सरकार की सख्त नीतियों और दृढ़ संकल्प के चलते उत्तर प्रदेश में माफिया राज का अंत हो रहा है. अतीक अहमद जैसे अपराधियों के साम्राज्य को ध्वस्त कर सरकार ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत किया है. महाकुंभ 2025 का आयोजन पिछले 40 वर्षों से भिन्न होगा, जिसमें स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और माफिया मुक्त वातावरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि प्रदेश की नई छवि को भी प्रस्तुत करेगा.

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