पद्म भूषण नहीं, पहले भारत रत्न दो… फिर राष्ट्रपति भवन! ज्ञानेश कुमार पर उमर का तंज

Global Bharat 29 Sep 2026 10:23 PM 1 Mins
पद्म भूषण नहीं, पहले भारत रत्न दो… फिर राष्ट्रपति भवन! ज्ञानेश कुमार पर उमर का तंज

नई दिल्ली : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. बीजेपी नेता समिक भट्टाचार्य के एक बयान पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तंज कसते हुए चुनाव आयोग और बीजेपी के बीच कथित नजदीकी को लेकर सवाल खड़े किए हैं.
समिक भट्टाचार्य के बयान का हवाला देते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने बीजेपी के लिए इतना कुछ किया है. उनको पद्म भूषण देना उनके साथ बहुत बड़ा अन्याय होगा. पहले उनको भारत रत्न दे दो, फिर दो साल बाद राष्ट्रपति भवन में बिठा दो. उमर की यह टिप्पणी सामने आने के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई.

दरअसल, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दल पहले भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते रहे हैं. विपक्ष की ओर से चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और चुनाव आयोग के फैसलों को लेकर समय-समय पर आरोप लगाए जाते रहे हैं. वहीं, बीजेपी और उसके नेता इन आरोपों को राजनीतिक हमला बताते रहे हैं.
ज्ञानेश कुमार फरवरी 2025 में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त बने थे, इससे पहले वह चुनाव आयुक्त के तौर पर काम कर चुके हैं. उनके कार्यकाल में हुए चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच चुनाव आयोग की निष्पक्षता और फैसलों पर बहस देखने को मिली है.

उमर अब्दुल्ला के ताजा बयान ने इसी राजनीतिक विवाद को फिर हवा दे दी है. खास बात यह है कि उन्होंने पुरस्कार और राष्ट्रपति पद का जिक्र करते हुए व्यंग्यात्मक अंदाज में बीजेपी नेता के बयान पर पलटवार किया. अब इस बयान को लेकर सियासी प्रतिक्रियाओं का दौर तेज होने की संभावना है.

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