नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर SIR (मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर उठे सवालों के बीच NDA सहयोगी दल लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी चुनाव आयोग से अपना पक्ष रखने की अपील की है.
चिराग पासवान ने कहा, ''अगर चुनाव आयोग के ऊपर ऐसे सवाल खड़े हो रहे हैं तो मैं मानता हूं कि ये जिम्मेदारी भी चुनाव आयोग की है कि वो अपने पक्ष में अपनी बातों को मजबूती से रखें. विपक्ष क्या बोलता है उससे मुझे फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि विपक्ष का काम राजनीति करना है. चुनाव आयोग को जनता का विश्वास बनाए रखना चाहिए. अगर चुनावी प्रक्रिया के ऊपर ही जनता का संदेह खड़ा हो जाएगा तो ये गलत है. ऐसे में चुनाव आयोग को अपनी बात मजबूती से रखनी चाहिए, ताकि जनता के मन में कोई संदेह न रहे.''
विपक्ष ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है. ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि चुनाव आयुक्तों और मुख्य चुनाव आयुक्त के बीच गंभीर मतभेदों के कारण उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए और पूरी SIR प्रक्रिया पर फिर से विचार होना चाहिए.
लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने भी 30 लाख नाम कटने का दावा किया था, हालांकि इन दावों की पुष्टि नहीं हो सकी है. कॉकरोच जनता पार्टी ने भी 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है और 2 अक्टूबर से मुंबई से राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने की बात कही है. वहीं राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार को सरकारी गवाह बनने का सुझाव दिया था. चुनाव आयोग का कहना है कि सभी फैसले सहमति से लिए गए थे.