नई दिल्ली: दिल्ली की एक खूबसूरत टीचर के लिए शादी करना इस कदर भारी पड़ा कि उसकी कहानी सुन कर हर किसी का दिल कांप गया. जब किसी लड़की की शादी होती है तो वो पूर जीवन के लिए खूबसूरत सपने देखती है, लेकिन अगर वही सपने उसकी जिंदगी के लिए अभिषाप बन जाएंगे ये कहां किसी ने सोचा था, लेकिन ऐसा ही हुआ है दिल्ली की एक होनहार और खूबसूरत शिक्षिका के साथ, जिसे लंदन में अपने ही पति की हैवानियत का शिकार होना पड़ा, जिसके चलते शिक्षिका को अपनी जान से हाथ भी धोना पड़ा है.
2024 में हुई थी शादी
दिल्ली की खूबसूरत टीचर हर्षिता ब्रेला की शादी 2024 में पंकज लांबा के साथ हुई थी, शादी के बाद अप्रैल 2024 में पंकज और हर्षिता लंदन चले जाते हैं. वहां जाने के बाद दोनों में विवाद शुरू होता है. हर्षिता ने आरोप लगाया कि पंकज उसके थाथ मारपीट करते है, अगस्त में नॉर्थहैम्पटनशायर पुलिस घरेलू हिंसा की शिकायत के चलते पंकज को गिरफ्तार कर लेती है. हालांकि बाद में उसे जमानत पर छोड़ दिया जाता है, इसके साथ ही कोर्ट अक्टूबर तक डोमेस्टिक वॉयलेंस प्रोटेक्शन ऑर्डर भी जारी कर देता है, जिसके बाद हर्षिता को एक ऐसे सुरक्षित ठिकाने पर रखा जाता है जो महिलाओं के लिए ही बनाया गया था. लेकिन अब पुलिस का मानना है कि पंकज लांबा ने अपनी जमानत का गलत फायदा उठाया है. उसने हर्षिता की हत्या कर दी है और वो देश छोड़ कर भाग गया है.
14 नवंबर को हुई थी हत्या
14 नबंबर को लंदन के इल्फोर्ड इलाके में ब्रिस्बेन रोड पर पुलिस को एक कार मिली थी जिसकी डिग्गी में हर्षिता का शव रखा हुआ था, मामले की जांच करने पर पता चला कि हर्षिता की मौत 10 नबंबर 2024 को हुई थी. इस केस में मुख्य आरोपी हर्षिता के पति पंकज को बनाया गया है. लंदन पुलिस का मानना है कि हत्या के बाद पंकज 12 नवंबर को दिल्ली पहुंच गया था. और अभी भी वो दिल्ली या भारत में कहीं और छिपा हो सकता है.
पालम में शिकायत दर्ज कराई है
हर्षिता के परिवार ने दिल्ली के पालम थाने में पंकज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है. पुलिस ने फिलहाल लांबा के माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन हर्षिता की बहन सोनया डाबस ने दिल्ली हाई कोर्ट में यूके एक याचिका दायर की है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि विदेश मंत्रालय इस मामले को पूरी गंभीरता के साथ नहीं ले रहा है. जिसकी वजह से यूपे पुलिस के साथ समुचित समन्वय भी नहीं किया जा रहा है. जिसके बाद कोर्ट ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि मंत्रालय इस मामले के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करे, जो हर्षिता के परिवार और जांच एजेंसियों के बीच बात करे.