महेंद्रगढ़ : हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के डेरोली अहीर गांव के रहने वाले संतलाल इन दिनों अपने अनोखे शारीरिक अनुभवों को लेकर चर्चा में हैं. उनका दावा है कि उनका शरीर सामान्य लोगों से बिल्कुल अलग तरह से प्रतिक्रिया करता है. जहां 43 डिग्री सेल्सियस तक की भीषण गर्मी में लोग पंखे, कूलर और एसी का सहारा लेते हैं, वहीं संतलाल दो कंबल ओढ़कर रहते हैं और उन्हें तब भी ठंड महसूस होती है. महेंद्रगढ़ क्षेत्र में गर्मियों के दौरान तापमान 43–45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचना सामान्य माना जाता है.
संतलाल का कहना है कि इसके उलट सर्दियों में उन्हें गर्मी महसूस होती है. उनके अनुसार, कड़ाके की ठंड में भी वे बर्फ की सिल्ली पर लेट सकते हैं और ठंडे पानी से स्नान करते हैं, जबकि सामान्य लोगों को उस मौसम में गर्म कपड़ों की जरूरत पड़ती है. उनका दावा है कि उन्हें इस दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं होती.
हालांकि, अब तक उनके इन दावों की किसी स्वतंत्र वैज्ञानिक या चिकित्सकीय जांच की पुष्टि सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है. विशेषज्ञों का मानना है कि शरीर में तापमान का असामान्य अनुभव कई कारणों से हो सकता है, जिनमें हार्मोन संबंधी गड़बड़ी, तंत्रिका तंत्र की समस्या, चयापचय (मेटाबॉलिज्म) में बदलाव या अन्य चिकित्सकीय स्थितियां शामिल हो सकती हैं. ऐसे मामलों की पुष्टि केवल विस्तृत मेडिकल जांच के बाद ही की जा सकती है.