नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ के चोसिटी गांव में गुरुवार को हुए भीषण बादल फटने से दो सीआईएसएफ जवानों समेत कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई और 120 से ज़्यादा घायल हो गए. इस घटना से अचानक बाढ़ आ गई और बड़े पैमाने पर तबाही मच गई. 220 से ज़्यादा लोग लापता हैं और बचाव दल जीवित बचे लोगों की तलाश में जुटे हैं.
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि चोसिती में मचैल माता मंदिर के पास हुई इस घटना से "काफी हताहत हो सकते हैं," और प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसमें बचाव दल को घटनास्थल पर भेजा गया है. उन्होंने कहा, "लोकल विधायक और विपक्ष के नेता श्री सुनील कुमार शर्मा से तत्काल संदेश मिलने के बाद मैंने डीसी किश्तवाड़ पंकज कुमार शर्मा से बात की.
चोसिती क्षेत्र में बादल फटने से भारी नुकसान की आशंका है. प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू की है, और बचाव दल घटनास्थल के लिए रवाना हो चुका है. नुकसान का आकलन और आवश्यक बचाव व चिकित्सा प्रबंधन की व्यवस्था की जा रही है."
किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज शर्मा ने पुष्टि की कि प्रभावित क्षेत्र में बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है. जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल मनोज सिन्हा ने बादल फटने की घटना पर दुख जताया और कहा, "शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना." उन्होंने आगे निर्देश दिया कि सिविल, पुलिस, सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ अधिकारियों को बचाव और राहत कार्यों को तेज करने और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए कहा गया है.