नई दिल्ली: शनिवार को लगातार भारी बारिश के बाद पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग इलाके में कई जगह भूस्खलन हो गए. इससे ट्रैफिक बाधित हो गया और कई लोगों की जान चली गई. दार्जिलिंग के बीजेपी सांसद राजू बिष्ट ने बारिश से हुए नुकसान पर चिंता जताई और बताया कि कई मौतें हुई हैं. एक्स पर एक पोस्ट में बिष्ट ने कहा, ''मुझे दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जिलों के कई हिस्सों में बेहद भारी बारिश से हुए बड़े नुकसान की खबर सुनकर बेहद दुख हो रहा है.
मौतें हुई हैं, संपत्ति का नुकसान हुआ है और इंफ्रास्ट्रक्चर को क्षति पहुंची है. मैं स्थिति का जायजा ले रहा हूं और संबंधित अधिकारियों से संपर्क में हूं. हमने पहले ही हमारे बीजेपी कार्यकर्ताओं को लोगों की मदद और सहायता के लिए सक्रिय होने के निर्देश दे दिए हैं. हम अपनी पूरी ताकत लगाकर लोगों की मदद करेंगे. मैं क्षेत्र में सभी गठबंधन साझेदारों, अन्य राजनीतिक और सामाजिक संगठनों से अपील करता हूं कि प्रयासों का समन्वय करें, ताकि जरूरतमंदों तक समय पर मदद पहुंच सके.''
एनएच10 कई जगहों पर भूस्खलन से अवरुद्ध हो गया, जबकि सिक्किम का वैकल्पिक रास्ता एनएच 717ए भी रेशी बॉर्डर के पास प्रभावित हो गया, जिससे आवागमन रुक गया. एनएच10 के निचले इलाकों जैसे रविजोरा और 29वीं माइल में पानी का स्तर बढ़ गया, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि फसल या संपत्ति को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ.कालिम्पोंग के पुलिस अधीक्षक श्रीहरी पांडे ने कहा, ''स्थिति नियंत्रण में है. टीमें मलबा हटाने और सड़कों की कनेक्टिविटी जल्द बहाल करने पर काम कर रही हैं.''
नेशनल हाईवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड जिला प्रशासन और पुलिस के साथ मिलकर प्रभावित हाईवे दोबारा खोलने का काम कर रहा है. अधिकारियों ने पुष्टि की कि अभी निकासी की कोई जरूरत नहीं है, और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स व डिजास्टर मैनेजमेंट टीमें संवेदनशील इलाकों में हाई अलर्ट पर हैं. सभी प्रशासनिक ब्लॉकों से विस्तृत स्थिति रिपोर्ट मांगी गई है.
बारिश ने बीरभूम जिले को भी प्रभावित किया है, जहां इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट ने अलग-अलग इलाकों में 7 से 20 सेंटीमीटर तक भारी से बहुत भारी बारिश की भविष्यवाणी की है. आईएमडी ने बंगाल की खाड़ी के ऊपर गहरे दबाव के कारण ओडिशा और पश्चिम बंगाल के लिए चेतावनी जारी की है. बंगाल के कई जिलों में 6 अक्टूबर तक भारी बारिश का अनुमान है. अधिकारियों ने बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित इलाकों में रहने वालों से सतर्क रहने को कहा है.