नई दिल्ली: जिस नागपुर में आरएसएस का मुख्यालय है, जिस नागपुर से बीजेपी के कद्दावर नेता नितिन गडकरी आते हैं, जो नागपुर देवेन्द्र फडणवीस का भी गढ़ है, उस नागपुर की हिंदू बाहुल्य जगह से बीएमसी चुनाव में हिंसा के आरोपी फहीम शमीम खान की बीवी अलीशा कैसे चुनाव जीत गई... इसका जवाब बेहद हैरान करने वाला है...
बीजेपी जो हर वक्त चुनावी मोड में रहती थी, वो भी शायद इस बात पर मंथन करेगी कि जिस नागपुर में हिंदुओं के घरों को निशाना बनाया गया, तिलक और स्वस्तिक का निशान देखकर उनके यहां हमले हुए, वहां के हिंदू क्या डर की वजह से नागपुर हिंसा के मास्टरमाइंड के खिलाफ आवाज बुलंद नहीं कर पाए, या फिर कहानी कुछ और थी... ग्लोबल भारत टीवी की टीम जब नागपुर हिंसा के बाद जब फहीम शमीम के घर पहुंची थी तो हालात बेहद चौंकाने वाले दिखे थे...
आंकड़े बताते हैं फहीम शमीम खान की पत्नी नागपुर महानगर पालिका चुनाव में 9295 वोट लेकर भाजपा प्रत्याशी से 1850 वोटो जीत गई है. यहां बीजेपी को 4 में से 1 एससी रिजर्व सीट पर जीत मिली है. जबकि पहले हुए चुनाव में बीजेपी ने 3 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि कांग्रेस 1 सीट पर जीती थी. यहां की आबादी करीब 65 हजार 500 है, जिसमें मुस्लिम आबादी करीब 24 हजार है.. तो सवाल ये है कि फहीम की पत्नी ने इस चुनाव में जीत कैसे हासिल की...
घरों से नहीं निकले हिंदू वोटर्स?
क्या बीजेपी इस इलाके में हिंदू वोटर्स को घरों से नहीं निकाल पाई? या फिर भाजपा के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी ने नागपुर हिंसा के आरोपी की पत्नी को फायदा दिलाया? कुछ लोगों का दावा है मुस्लिम इलाकों में मस्जिदों से वोट देने के लिए ऐलान किया गया था.
और इसी बात ने फहीम की बीवी को बंपर फायदा पहुंचाया... कहा ये तक जा रहा है टिकट बंटवारे में भी एंटी इनकंबेसी का ख्याल नहीं रखा गया... आम आदमी पार्टी की नेता जया मोरे की भी बीजेपी की हार में बड़ी भूमिका रही, उन्होंने बीजेपी के वोट काटे... जिसका फायदा फहीम की बीवी को मिला... पर एक सच ये भी है कि महाराष्ट्र के निकाय चुनाव में फडणवीस के नेतृत्व में बीजेपी ने शानदार कमाल दिखाया है...
कुल 29 नगर निगमों में से 17 पर अकेले बीजेपी ने जीत हासिल कर ली है... भाजपा-शिवसेना (शिंदे) गठबंधन ने उद्धव ठाकरे से BMC छीनकर, उनका तीन दशक पुराना दबदबा न सिर्फ खत्म कर दिया, बल्कि ये सोचने पर भी मजबूर कर दिया कि महाराष्ट्र का हिंदू अब बाला साहेब ठाकरे के बेटे उद्धव ठाकरे की गलतियों की वजह से उनका साथ छोड़ रहा है...