भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में पीड़ित परिवार ने बुधवार को आयोजित महापंचायत में सरकार से निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के निलंबन की मांग की है। परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि बिहार सरकार निष्पक्ष जांच कराने में विफल रहती है, तो वह व्यापक जन आंदोलन का रुख कर सकता है।
पीड़ित की मां ने शाहपुर पुलिस थाने में मुठभेड़ के दौरान मौजूद पुलिस अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। महापंचायत में भरत तिवारी के चचेरे भाई ने कहा कि उन्होंने लगातार न्याय की मांग की, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनका चयन बिहार पुलिस में हो गया था, लेकिन भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर के बाद उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला कर लिया।
महापंचायत में मौजूद लोगों और विभिन्न संगठनों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो वे जन आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
भरत तिवारी मामले में जनाक्रोश लगातार बढ़ रहा है। औरंगाबाद के नवीनगर में मंगलवार को युवाओं ने आक्रोश मार्च निकाला, जिसमें भरत तिवारी को न्याय दिलाने, निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
गौरतलब है कि 17 जून 2026 को पुलिस मुठभेड़ में भरत भूषण तिवारी की मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद परिवार और स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग शुरू कर दी।