रुड़की: कुख्यात गैंगस्टर चीनू पंडित के जेल से जमानत पर रिहा होते ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सीमावर्ती इलाकों में एक बार फिर खून-खराबे की आशंका गहरा गई है. खुफिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि चीनू पंडित के पुराने दुश्मन अब एकजुट हो रहे हैं, जिससे बड़े गैंगवार की आशंका बढ़ गई है.
पिस्तौल को 'महबूबा' कहने के लिए मशहूर चीनू पंडित करीब 10 साल बाद हाल ही में रुड़की जेल से बाहर आया है. खुफिया एजेंसियों (एलआईयू) की रिपोर्ट के मुताबिक, रिहाई के बाद वह क्षेत्र में सक्रिय हो गया है. इसके जवाब में उसके विरोधी गुट भी गुपचुप तरीके से लामबंद हो रहे हैं. पुलिस को आशंका है कि वर्चस्व की इस लड़ाई में कभी भी बड़े पैमाने पर हिंसा भड़क सकती है.
रुड़की और आसपास के इलाकों में चीनू पंडित गुट और उसके प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच पुरानी दुश्मनी है. साल 2014 में रुड़की जेल के बाहर हुए गैंगवार में गोलीबारी हुई थी, जिसमें तीन लोगों की मौत हो चुकी है. अब फिर वही माहौल बनता नजर आ रहा है.
पुलिस अलर्ट पर
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पुलिस को खुफिया रिपोर्ट मिली है. चीनू पंडित को खुद बुलाकर सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है. पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है. संदिग्धों और सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी जा रही है. किसी भी तरह की अफवाह या माहौल बिगाड़ने की कोशिश पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, चीनू पंडित को अपनी जान का खतरा भी है. इसलिए उसकी सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं. यह घटनाक्रम उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी के गैंगस्टर नेटवर्क की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका सबूत है. पुलिस अब किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है.