राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने सोमवार को राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान आयकर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया। उस दौरान भाजपा की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव अपनी निर्धारित सीट छोड़कर सांसद जॉन ब्रिटास की सीट के पास आ गईं। जॉन ब्रिटास का आरोप है कि भाजपा सांसद सुष्मिता देव ने उन्हें कथित तौर पर ‘लूंगीवाला’ कहा। इसके विरोध में जॉन ब्रिटास ने सुष्मिता देव की इस टिप्पणी के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव पेश किया।
बुधवार को जब जॉन ब्रिटास ने राज्यसभा में अपने भाषण के दौरान दावा किया कि सुष्मिता देव ने उन्हें ‘लूंगीवाला’ कहा था, तो विपक्षी दलों ने उनके समर्थन में राज्यसभा में जोरदार हंगामा किया। राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने इस मामले पर चर्चा के लिए संबंधित सांसदों को अपने चैंबर में बुलाया। वहीं, राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभापति से सांसद की आपत्ति चैंबर में सुनने का आग्रह किया। वहीं, केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने सभापति से सुष्मिता देव को भी अपनी बात रखने का अवसर देने की मांग की। इस बीच, विपक्षी दलों ने कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को बोलने का समय देने की मांग की।
राज्यसभा में राम मंदिर दान चोरी के मुद्दे को लेकर भी नारेबाजी हुई, जिसके चलते सदन में हंगामा बढ़ गया। इसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।