देहरादून : उत्तराखंड की एक महिला खिलाड़ी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने अपनी पीड़ा बताई तो कार्यक्रम में मौजूद लोग कुछ देर के लिए सन्न रह गए. खिलाड़ी ने कहा कि उसने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता था, इसके बाद उसका चयन अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हुआ, लेकिन आर्थिक मदद के बजाय उससे करीब डेढ़ लाख रुपये मांगे गए. रकम नहीं दे पाने के कारण वह इंटरनेशनल स्तर पर खेलने नहीं जा सकी.
खिलाड़ी के मुताबिक, राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के बाद उसे लगा था कि अब वह देश और उत्तराखंड का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन करेगी. चयन होने के बाद उसने प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की तैयारी शुरू की, लेकिन सामने आई आर्थिक बाधा ने उसका सपना रोक दिया. उसका आरोप है कि उससे यात्रा, चयन या अन्य व्यवस्थाओं के नाम पर डेढ़ लाख रुपये की मांग की गई. परिवार के लिए इतनी बड़ी रकम जुटाना संभव नहीं था.
मुख्यमंत्री धामी के सामने जब खिलाड़ी ने यह बात रखी तो वहां मौजूद लोगों के बीच खामोशी छा गई. यह मामला सिर्फ एक खिलाड़ी की परेशानी नहीं, बल्कि उन प्रतिभाओं के लिए भी बड़ा सवाल खड़ा करता है जो आर्थिक संसाधनों के अभाव में राष्ट्रीय स्तर से आगे नहीं बढ़ पातीं.
उत्तराखंड सरकार लगातार खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को सुविधाएं देने की बात करती रही है. राज्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं के लिए प्रोत्साहन योजनाएं भी लागू हैं. 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीते थे.
अब मुख्यमंत्री के सामने सामने आए इस मामले में यह देखना अहम होगा कि खिलाड़ी की शिकायत की जांच होती है या नहीं और जिम्मेदारी तय होने के साथ उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का दोबारा मौका मिल पाता है या नहीं.