देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने एक गोल्ड मेडलिस्ट छात्रा भावुक हो गई. 12वीं की छात्रा शायरा ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेलने के लिए उससे 1.5 लाख रुपए की रिश्वत मांगी गई थी, जिसके कारण वह प्रतियोगिता में नहीं खेल पाई.
10 अगस्त को देहरादून में आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में शायरा सीएनआई गर्ल्स स्कूल की छात्रा के रूप में पहुंची थीं. उन्होंने बताया कि वे ताइक्वांडो खिलाड़ी हैं और हाल ही में जम्मू-कश्मीर में हुए राष्ट्रीय टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीता है. इस बात पर हॉल में तालियों की गड़गड़ाहट गूंजी, लेकिन इसके बाद शायरा भावुक हो गईं.
उन्होंने आगे कहा कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के लिए चुना गया था, लेकिन रिश्वत की मांग के कारण वे खेल नहीं पाईं. मुख्यमंत्री धामी ने उन्हें सांत्वना दी और अधिकारियों को स्कूल की जानकारी जुटाने तथा मामले की जांच करने के निर्देश दिए.
शायरा ने बाद में एक अन्य वीडियो में कहा कि वे मुख्यमंत्री के सामने पूरा पक्ष रखने में असमर्थ रहीं. उन्होंने स्कूल या किसी अन्य को इस अवसर के बारे में सूचित नहीं किया था, इसलिए रोमानिया में होने वाले टूर्नामेंट की यात्रा और बाकी व्यवस्था नहीं कर पाईं.
इस घटना के बाद कांग्रेस ने वीडियो शेयर कर भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है. उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम का लाइव प्रसारण बाद में हटा दिया गया. हालांकि शायरा ने कार्यक्रम में यह स्पष्ट नहीं बताया कि रिश्वत किसने मांगी थी.