झारखंड के रांची के जयपाल मुंडा स्टेडियम के बाहर छात्र JPSC और JSSC की परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। 10 अगस्त को प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा घेराव का आयोजन किया था। जब प्रदर्शनकारी सुरक्षा घेरा तोड़कर विधानसभा की ओर आगे बढ़े तो पुलिस ने उन पर सख्त कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, वॉटर कैनन और आंसू गैस का प्रयोग किया।
10 अगस्त को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने 600 प्रदर्शनकारियों पर एफआईआर दर्ज की है, जिनमें से 100 नामजद प्रदर्शनकारी हैं, जबकि 500 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है।
वहीं विधानसभा घेराव के बाद भी झारखंड में छात्र प्रदर्शन जारी है। परीक्षाओं में हुई धांधली के मामले में प्रदर्शनकारियों और सरकार के बीच बातचीत जारी है, लेकिन JSSC परीक्षा की नियुक्तियों को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। छात्र प्रदर्शनकारी मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रदर्शनकारियों को पत्र लिखकर आश्वासन दिया है। सरकार ने दावा किया है कि प्रदर्शनकारियों की 98 प्रतिशत मांगों को स्वीकार कर लिया गया है, लेकिन कुछ मुद्दों पर गतिरोध जारी है।
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के तीन सदस्यों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और JPSC की सदस्य डॉ. अजिता भट्टाचार्य से 10 अगस्त को पुलिस ने पूछताछ की। वहीं सरकार के दावों पर झारखंड छात्र आंदोलन के समर्थन में 11 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे देवेंद्र महतो ने कहा, "सरकार दावा कर रही है कि 90% मांगें मान ली गई हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर 50% मांगें भी पूरी नहीं हुई हैं। सिर्फ खोखले बयानों और आश्वासनों से बात नहीं बनेगी, सरकार को आधिकारिक पत्र जारी करना होगा।"