अयोध्या स्थित राम मंदिर में चंदा चोरी के बढ़ते विवाद के बीच ऐसा कयास लगाया जा रहा है कि जल्द ही श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में सीईओ की नियुक्ति हो सकती है। यह कदम मंदिर के उच्च प्रशासनिक ढांचे को औपचारिक स्वरूप देने के लिए उठाया जा सकता है। यह निर्णय आंध्र प्रदेश में स्थित तिरुपति के मॉडल पर आधारित माना जा रहा है, जहां मंदिर के प्रशासनिक कामकाज के लिए कमिश्नर रैंक के व्यक्ति को चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर के रूप में पांच से सात वर्षों के लिए नियुक्त किया जाता है। वहीं, वेंकटेश्वर मंदिर का कार्यभार तिरुमला तिरुपति देवस्थानम के अंतर्गत आता है।
राम मंदिर में सीईओ का पद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अधीन होगा। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा इस पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। इससे पहले वह प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव रह चुके हैं। इसके बाद उन्हें श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की निर्माण समिति में अहम जिम्मेदारी दी गई थी।
लगातार राम मंदिर में चंदा चोरी की खबरें सामने आ रही हैं। मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआईटी का गठन किया है और अब तक 8 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।