नई दिल्ली: दिल्ली में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां दिल्ली पुलिस की SWAT कमांडो काजल चौधरी की हत्या उनके पति अंकुर ने कर दी. यह घटना दहेज की लालच, घरेलू हिंसा और लव मैरिज के पीछे छिपे क्रूर सच को उजागर करती है. 27 वर्षीय काजल ने 2022 में दिल्ली पुलिस में भर्ती होकर कड़ी मेहनत और अनुशासन से स्पेशल सेल की SWAT यूनिट में जगह बनाई थी. सोनीपत के गनौर (या बड़ी) गांव की इस बेटी पर पूरा परिवार और गांव गर्व करता था. लेकिन जिसे उन्होंने अपना जीवनसाथी चुना, उसी ने उनकी जिंदगी छीन ली.
2023 में हुई थी लव मैरिज
काजल और अंकुर की शादी 2023 में लव मैरिज के रूप में हुई थी. दोनों की मुलाकात पढ़ाई के दौरान हुई, दोस्ती प्यार में बदली और परिवार की सहमति से शादी हो गई. अंकुर रक्षा मंत्रालय में क्लर्क के पद पर दिल्ली कैंट में तैनात है. बाहर से सब कुछ सामान्य लगता था. दोनों नौकरीपेशा, पढ़े-लिखे और आत्मनिर्भर. लेकिन शादी के महज 15 दिन बाद ही दहेज की मांग शुरू हो गई.
शादी के बाद दहेज की मांग
परिवार के अनुसार, ससुराल पक्ष ने गाड़ी और नकद की मांग की, जिसके चलते काजल को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना सहनी पड़ी. कई बार समझौते की कोशिश हुई, काजल ने अलग रहने का फैसला भी किया, लेकिन आरोप है कि अंकुर वहां भी मारपीट और दबाव बनाता रहा. काजल ने सब कुछ सहन किया, क्योंकि वह अपने करियर और गर्भ में पल रहे बच्चे की सुरक्षा को लेकर चिंतित थीं. वह चार महीने की प्रेग्नेंट थीं.
लोहे के डंबल से किया हमला
22 जनवरी 2026 की रात करीब 10 बजे विवाद इतना बढ़ गया कि अंकुर ने काजल पर लोहे के डंबल से कई वार किए. कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि उसने काजल का सिर दरवाजे पर भी पटका. हमले के दौरान काजल अपने भाई निखिल से फोन पर बात कर रही थीं. अंकुर ने कथित तौर पर भाई को फोन कर कहा, "रिकॉर्ड कर लो, मैं तुम्हारी बहन को मार रहा हूं" और बाद में "आकर अपनी बहन का शव ले जाओ".
पांच दिन बाद चली गई जान
अंकुर ने खुद काजल को मोहन गार्डन के तारक अस्पताल पहुंचाया. वहां से उन्हें गाजियाबाद के एक निजी अस्पताल रेफर किया गया, जहां पांच दिनों तक जिंदगी-मौत की जंग लड़ी. आखिरकार 27 जनवरी 2026 को काजल और उनके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई. शुरुआत में हत्या के प्रयास का केस दर्ज हुआ, लेकिन मौत के बाद धाराएं बदलकर हत्या (मर्डर) की कर दी गईं.
आरोपी अंकुर हुआ गिरफ्तार
पुलिस ने अंकुर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया. जांच जारी है, जिसमें फोरेंसिक सबूत जैसे घर में खून के निशान और डंबल शामिल हैं. काजल के पिता राकेश और भाई निखिल का कहना है कि यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि दो जिंदगियों का कत्ल है. गांव में मातम छाया हुआ है. काजल का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया. यह घटना दहेज, घरेलू हिंसा और महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है.