एम्सटेलवीन (नीदरलैंड्स): नीदरलैंड्स के खूबसूरत एम्सटेलवीन शहर स्थित ऐतिहासिक वैगनर स्टेडियम में खेले जा रहे 'एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप 2026' (FIH Men's Hockey World Cup 2026) के पहले ही दिन भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम हमेशा के लिए दर्ज करा दिया। टूर्नामेंट के अपने शुरुआती मुकाबले में वेल्स (Wales) के खिलाफ मैदान पर कदम रखते ही भारतीय टीम विश्व कप इतिहास के सभी 16 संस्करण (Editions) खेलने वाली दुनिया की पहली टीम बन गई है।
हॉकी विश्व कप के 55 साल पुराने इतिहास में भारत, स्पेन, नीदरलैंड्स और जर्मनी ही ऐसी चार टीमें रही हैं, जिन्होंने 1971 में बार्सिलोना में शुरू हुए पहले टूर्नामेंट से लेकर 2023 तक हुए सभी 15 संस्करणों में लगातार हिस्सा लिया था। ये चारों दिग्गज टीमें 2026 विश्व कप के लिए भी क्वालिफाई कर चुकी हैं। हालांकि, मैच शेड्यूल के तहत भारत का पहला मुकाबला इन तीनों टीमों से पहले तय था। ऐसे में जैसे ही कप्तान हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई में भारतीय टीम वेल्स के खिलाफ मैदान पर उतरी, 16वां वर्ल्ड कप खेलने का पहला तमगा भारत की झोली में आ गया।
1971 के पहले वर्ल्ड कप में कांस्य, 1973 में रजत और 1975 के कुआलालंपुर विश्व कप में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम ने समय-समय पर आए कई उतार-चढ़ावों के बावजूद कभी विश्व कप से अपनी उपस्थिति खत्म नहीं होने दी। वैगनर स्टेडियम में हासिल हुआ यह मुकाम भारतीय हॉकी की निरंतरता, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी प्रासंगिकता और वैश्विक दबदबे का जीवंत प्रमाण है।
कप्तान हरमनप्रीत सिंह के नेतृत्व में उतरी टीम इंडिया का लक्ष्य अब इस ऐतिहासिक शुरुआत को पोडियम फिनिश और पदक में तब्दील कर देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस का यादगार तोहफा देना है।