नई दिल्ली: 7-8 मई 2025 की रात को पाकिस्तान ने भारत के 15 सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना ने इसे पूरी तरह नाकाम कर दिया. इसके जवाब में भारत ने गुरुवार को पाकिस्तान के कई शहरों में एयर डिफेंस रडार और सिस्टम को निशाना बनाया, जिसमें लाहौर का एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह तबाह हो गया. रक्षा मंत्रालय के बयान के मुताबिक, पाकिस्तान ने अवंतीपुरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, बठिंडा, चंडीगढ़, नल, फलोदी, उत्तरलाई, और भुज जैसे सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की थी. लेकिन भारत के S-400 'सुदर्शन चक्र' एयर डिफेंस सिस्टम और इंटीग्रेटेड काउंटर UAS ग्रिड ने इन हमलों को बेकार कर दिया.
लाहौर में भारतीय सेना की बड़ी कार्रवाई
भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल निर्मित HAROP ड्रोन्स का इस्तेमाल कर पाकिस्तान के चीनी मूल के HQ-9 मिसाइल डिफेंस सिस्टम को नष्ट कर दिया. इससे लाहौर में पाकिस्तानी सेना की हवाई सुरक्षा कमजोर हो गई. सूत्रों के अनुसार, भारत ने लाहौर सहित गुजरांवाला, चकवाल, बहावलपुर, मियानो, कराची, छोर, रावलपिंडी, और अटक जैसे शहरों में एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया. पाकिस्तान ने दावा किया कि उनके 12 ड्रोन्स को मार गिराया गया, जबकि एक ड्रोन लाहौर के पास क्रैश हुआ. इसके अलावा, लाहौर में चार सैनिक घायल हुए और मियानो, सिंध में एक नागरिक की मौत हुई. लाहौर के वाल्टन हवाई अड्डे के पास कई जोरदार धमाके सुने गए, जिससे लोग दहशत में घरों से बाहर भागे. स्थानीय मीडिया ने बताया कि धमाकों के बाद धुएं का गुबार दिखाई दिया.
S-400: भारत की मजबूत हवाई ढाल
भारत का S-400 'सुदर्शन चक्र' एयर डिफेंस सिस्टम 600 किलोमीटर दूर तक हवाई खतरों को ट्रैक कर सकता है और फाइटर जेट, बैलिस्टिक मिसाइल, और ड्रोन्स को नष्ट कर सकता है. इस सिस्टम ने पाकिस्तान के ड्रोन्स और मिसाइलों को आसानी से नाकाम कर दिया. रक्षा मंत्रालय ने कहा, "भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान में कई जगहों पर एयर डिफेंस रडार और सिस्टम को निशाना बनाया. हमारी कार्रवाई उसी स्तर की थी, जैसी पाकिस्तान ने की थी. लाहौर का एक एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह नष्ट हो गया." मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय सेना गैर-वृद्धि (नॉन-एस्केलेशन) की नीति पर कायम है, बशर्ते पाकिस्तानी सेना इसका सम्मान करे.
लाहौर में दहशत, हवाई उड़ानें रुकीं
लाहौर में धमाकों के बाद सायरन बजे और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए. वाल्टन हवाई अड्डा, जो लाहौर के पॉश सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट और सेना के कैंटोनमेंट के पास है, उस इलाके में धुएं के बादल देखे गए. सियालकोट, कराची, और लाहौर हवाई अड्डों पर उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी गईं. अभी तक नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान या नागरिक हताहतों की कोई खबर नहीं है.
ऑपरेशन सिंदूर: आतंकी ठिकानों पर प्रहार
यह घटना 'ऑपरेशन सिंदूर' के एक दिन बाद हुई, जिसमें भारतीय सेना और वायुसेना ने 7 मई को पाकिस्तान और PoK में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट किया था. इस ऑपरेशन में राफेल जेट्स ने हवा से जमीन पर मिसाइल हमले किए, जबकि सेना ने जमीन से जमीन पर मिसाइलें दागीं. सूत्रों के मुताबिक, इन हमलों में 100 आतंकी मारे गए. भारत ने साफ किया कि कोई भी पाकिस्तानी सैन्य ढांचा निशाना नहीं बनाया गया और नागरिकों की जानमाल की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा गया.
पाकिस्तान का दावा और भारत का जवाब
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ऑपरेशन सिंदूर को "युद्ध की कार्रवाई" बताया और दावा किया कि इसमें नागरिकों, खासकर महिलाओं और बच्चों की मौत हुई. हालांकि, भारत ने सैटेलाइट तस्वीरों और अन्य सबूतों के साथ साबित किया कि केवल आतंकी ठिकाने नष्ट किए गए. भारत ने कहा कि पहलगाम में 26 लोगों की जान लेने वाले आतंकी हमले का जवाब देना जरूरी था.
नियंत्रण रेखा पर तनाव
पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा (LoC) पर भारी गोलीबारी और मोर्टार हमले किए, जिसमें 16 नागरिकों की मौत हुई, जिनमें तीन महिलाएं और पांच बच्चे शामिल थे. भारत ने इसका जवाब देते हुए पाकिस्तानी गोलीबारी को रोकने के लिए कार्रवाई की. रक्षा मंत्रालय ने कहा, "हमें मजबूरन जवाब देना पड़ा ताकि पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी बंद हो.