जो छोटी-छोटी सुरंगों से चूहों की तरह रेंगकर आते हैं. देश के अलग-अलग हिस्सों में अशांति फैलाते हैं. सीमापार से दहशतगर्दी का मिशन लेकर आते हैं, उन्हें 72 हुर्रों के पास भेजने के लिए सेना ने ऑपरेशन रैट लॉन्च कर दिया है. ऐसा ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर के इतिहास में शायद ही पहले कभी चला हो, जहां सेना के जवान झाड़ियां हटा रहे हैं. जरूरत पड़ने पर हसिया-कुदाल मंगवाकर संदिग्ध इलाके की पूरी सफाई करवा रहे हैं.
अगर कोई सुरंग नजर आ रहा है तो उसे न सिर्फ बंद किया जा रहा है, बल्कि ये सुरंग बनी कैसे, इसकी पूरी हिस्ट्री भी निकाल रहे हैं. क्योंकि बीते 30 दिनों में 3 ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिसने सुरक्षा एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए हैं. 27 जुलाई 2024- जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में घुसपैठ की कोशिश में एक दहशतगर्द को सेना ने सीधा ऊपर भेज दिया, जिसके बाद पता चला पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम और SSG कमांडो उनकी घुसपैठ करवाने की कोशिश में थे.
23 जुलाई 2024- पंजाब के पठानकोट में 7 संदिग्ध देखे गए, जिसमें से एक का पोस्टर भी जारी हुआ, फंगतोली गांव के लोगों ने कहा, सब हट्टे-कट्टे और लंबे थे, जिससे सीधा शक पाकिस्तान की ओर जाता है. 15 जुलाई 2024- जम्मू के डोडा इलाके में दहशतगर्दों सेना पर कायराना हमला करते हैं, तीन दुश्मनों का स्केच सेना जारी करती है, इन पर 5 लाख का इनाम रखा गया है, हो सकता है ये विदेशी हों.
ख़बर यहां तक है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की मदद से लश्कर और जैश ने अपना 20 साल पुराना नेटवर्क फिर से एक्टिव करना शुरू कर दिया है. पहले ये ग्रुप सिर्फ कश्मीर तक ही सीमित था, लेकिन अब जम्मू के 10 में से 9 जिलों में इसने अपनी पैठ बना ली है. जम्मू के राजौरी, पुंछ, रियासी, ऊधमपुर, कठुआ, डोडा, किश्तवाड़, जम्मू और रामबन में इनकी मौजूदगी कई बड़े खतरे की आहट है.
इनका घाटी के इलाकों को छोड़कर ऊपर की ओर बढ़ना पंजाब के लिए भी खतरे की घंटी है, इसीलिए सेना के जवान इस बार देश के दुश्मनों को सिर्फ मिटाने की ही नहीं सोच रहे, बल्कि इनके आने-जाने का रास्ता भी हमेशा-हमेशा के लिए बंद करना चाहते हैं. इसीलिए जम्मू और कश्मीर के जिन इलाकों में भी सुरंग होने का शक है, वहां सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. घाटी में उतरे पैराकमांडो ऑपरेशन पूरा करके ही अपने कैंप लौटना चाहते हैं और इस बार पाकिस्तान जितना भी बिलबिलाए वो बेनकाब जरूर होगा, क्योंकि रियासी में हुई घटना के बाद पाकिस्तान के बड़े कनेक्शन सामने आए हैं.
इस बार वो सिर्फ अपने लोगों को भेज ही नहीं रहा, बल्कि उसके मौजूदा और रिटायर सैनिक भी पैसे की लालच में हिंदुस्तान का माहौल खराब करने आ रहे हैं. रियासी में जिन दहशतगर्दों को सेना ने ऊपर पहुंचाया, उनके पास से मिले सामान ये साफ इशारा करते हैं कि इनका इस्तेमाल सिर्फ और सिर्फ वहां की सेना करती है. पाकिस्तानी सेना के पैरा ट्रूपर डिवीजन जो तरीका किसी बड़े ऑपरेशन में अपनाती है.
वहीं तरीका इस बार ये दहशतगर्द अपना रहे हैं. इनके फोन भी पूरी तरह से एंड टू एंड इनक्रिप्टेड हैं, जो ये साफ-साफ इशारा करता है कि सारे सबूत मिटाकर हिंदुस्तान को ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने के रास्ते पर उतर चुके हैं, जिसका जवाब हिंदुस्तान की सेना इस बार ऐसा देगी कि पाकिस्तान में बैठे इनके आका भविष्य में कभी गलती से भी अवैध तरीके से सीमापार करने के बारे में सोच भी नहीं पाएंगे.