नई दिल्ली: अब हिंद महासागर में भारत को आंखें नहीं दिखा पाएगा, भारत सरकार की एक डील ने चीन के सारे आंकडे ध्वस्त करके रख दिये हैं. दरअसल भारतीय नौसेना अब और भी ज्यादा सशक्त होने वाली है, इसके लिए 26 मरीन राफेल जल्द ही नौसेना को सौंपे जाएंगे.
बात चाहे जल क्षेत्र की हो या फिर जमीनी बॉर्डर की, हर जगह चीन अपना वर्चस्व कायम करने के लिए तैयार रहता है, यही वजह है कि वो अपने पड़ौसी देशों की जमीन पर कब्जा करने के किसी भी मौके से चूकता नहीं है. लेकिन अब हिंद महासागर में चीन की दादागिरी को खत्म करने के लिए भारतीय नौसेना को और भी ज्यादा मजबूत करने की तैयारी की जा रही है. इसके लिए केंद्र सरकार ने फ्रांस के साथ एक डील की है जिसमें 26 मरीन राफेल फाइटर जेट खरीदने का रास्ता साफ हो गया है, पीएम मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ने इस डील पर फाइनल मोहर लगा दी है. अब भारत को 64 हजार करोड़ रुपये खर्च करके 26 मरीन फाइटर जेट मिलने वाले हैं.
इस डील में फ्रांस भारत को 22 सिंगल-सीटर और 4 ट्विन-सीटर जेट सौंपेगा, जिन्हें हिंद महासागर में चीन की मनमानी रोकने के लिए लिए INS विक्रांत पर तैनात किया जाएगा. इस डील के लिए दोनों देशों के बीच कई महीनों से बातचीत चल रही थी, भारत राफेल मरीन डिल उसी बेस प्राइज में करना चाहता था जो 2016 में वायुसेना के लिए 36 विमान खरीदते समय रखी गईथी.
PM मोदी के फ्रांस दौरे पर हुई चर्चा
2023 में जब पीएम मोदी फ्रांस के दौरे पर गए थे तब इस डील की जानकारी सबसे पहले सामने आई थी. जिसके बाद रक्षा मंत्रालय ने लेटर ऑफ रिक्वेस्ट जारी किया था, दिसंबर 2023 में फ्रांस ने इसे स्वीकार कर लिया था.
2-3 साल में मिल सकती है पहली खेप
जहां तक इन विमानों की डिलीवरी की बात है तो इसकी पहले खेप 2-3 साल में मिल सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक तरीख अभी तक सामने नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के हवाले से ये खबर है कि सरकार जल्द ही विमान नौसेना को सौंपना चाहती है.