नई दिल्ली: फरवरी महीना शेयर मार्केट के लिए काफी उतारचढ़ाव भरा रहा है. इस महीने में लगातार शेयर बाजार निवेशकों को झटके लगे हैं. यही वजह है कि फरवरी के लास्ट दिन भी शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली. बाजार के हालात इस बात से समझे जा सकते हैं कि सेंसेक्स और निफ्टी की शुरूआत ही लाल निशान से हुई. इसी गिरावट के चलते सेंसेक्स-निफ्टी ने अपने ही कई अहम स्तरों को तोड़ दिया है. निफ्टी 22300 अंक नीचे तक पहुंच गया...
कितने पर खुला बाजार?
आज सुबह शेयर बाजार में काफी गिरावट देखी गई थी. सेंसेक्स 686.45 अंक की गिरावट के साथ 73,925.98 और निफ्टी 219.85 की गिरावट के साथ 22,325.20 पर खुला. इस समय 1702 शेयरों में गिरावट तो मात्र 539 शेयरों में तेजी देखने को मिली थी. अगर पूरे मार्केट की बात की जाए तो खबर लिखे जाने तक मार्केट 900 अंक से ज्यादा गिर चुका है. इसी गिरावट की वजह से बीएसई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप भी काफी हद तक घट चुका है.
निवेशकों के लाखों करोड़ों डूबे
अगर फरवरी की बात की जाए तो ये शेयर बाजार के निवेशकों के लिए किसी बुरे सपने की तरह रहा है. इस महीने में दुनिभायर के निवेशकों का जमकर पैसा डूबा है. और महीने के आखरी दिन भी निवेशकों को राहत मिलती हुई दिखाई नहीं दे रही है. भारतीय बाजर में मार्केट खुलते ही आज निवेशकों के 5.8 लाख करोड़ से ज्यादा रुपये डूब गए. ओवरऑल अगर देखा जाए तो बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप भी 5.8 लाख करोड़ रुपये तक घट गया है.
अमेरिका गिरा रहा है मार्केट?
बाजार में लगातार मची इस तबाही के पीछे कई वजहें मानी जा रही हैं. इसमें अमेरिका के नए राष्ट्रपति बने डोनाल्ड ट्रंप की नीति तो भी एक बड़ी वजह माना जा रहा है. ट्रंप का नया टैरिफ ऐलान तो है ही, इसके साथ ही विदेशी निवेशकोंकी लगातार विकवाली और भारती की तीसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़े भी हैं.
बाजार गिरने का कारण
इस बात में कोई शक नहीं है कि बाजार के ऐसे क्रैश होने के पीछे डोनाल्ड ट्रंप का फैसला है, ट्रंप ने 27 फरवरी को ही एक ऐलान किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि मैक्सिको और कनाडा से आने वाले सामान पर 25 प्रतिशत टैरिफ और चीन से निर्यात होने वाले सामान पर 10 फीसदी अतरिक्त शुल्क लगाया जाएगा. और ये फैसला 4 मार्च से लागू होगा. इस फैसले का असर भारतीय बाजार में भी देखने को मिल रहा है. यही वजह है कि भारतीय बाजार में लगातार निवेशकों का नुकसान हो रहा है.