नंबर 1
अरब सागर में 213 की मौत
तारीख थी 1 जनवरी 1978. मुंबई से उड़ान भरते ही बोइंग 747 अरब सागर में गिर गया. दिशा भ्रम और तकनीकी खराबी की वजह से हुए इस हादसे में 213 लोगों की जान चली गई. प्लेन मुंबई से दुबई जा रहा था.
नंबर 2
औरंगाबाद में विमान हादसे में 55 की मौत
तारीख थी 26 अप्रैल 1993. इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट 491 औरंगाबाद से मुंबई जा रही थी. जैसे ही विमान ने उड़ान भरना शुरू किया, उसी समय रनवे पर एक ट्रक मौजूद था. पायलट को ट्रक समय पर दिखाई नहीं दिया और विमान उससे टकरा गया. टक्कर के बाद विमान में आग लग गई और वह टूट गया. हादसे में 55 लोगों की जान चली गई, जबकि कई लोग घायल हुए.
नंबर 3
चरखी दादरी में 349 की मौत
तारीख थी 12 नवंबर 1996 की. जब लोग बोले आसमान में कुछ गुब्बार दिखा है. जांच में पता चला दो विमान आपस में टकरा गए. जिसमें पहली फ्लाइट थी सऊदी अरब एयरलाइन की फ्लाइट संख्या 763 जो दिल्ली से सऊदी अरब जा रही थी. जबकि दूसरी थी फ्लाइट संख्या 1907, जो कजाकिस्तान से दिल्ली की ओर जा रही थी. हादसे में 231 भारतीय, सऊदी अरब के 18, नेपाल के नौ, पाकिस्तान के 3, US के 2, ब्रिटेन के एक नागरिक की मौत हुई थी. ये भारत के इतिहास का सबसे बड़ा विमान हादसा था.
नंबर 4
कर्नाटक में 158 लोगों की मौत
तारीख थी 22 मई 2010. एयर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट 812 दुबई से कर्नाटक आ रही थी. विमान में 166 लोग सवार थे. विमान रनवे से आगे फिसलता चला गया और खाई में गिरकर दो हिस्सों में टूट गया. हादसे में 158 लोगों की मौत हो गई. जांच में सामने आया कि पायलट बहुत थके हुए थे और समय पर निर्णय नहीं ले सके, जिससे यह गंभीर दुर्घटना हुई.
नंबर 5
केरल में 21 यात्रियों की मौत
तारीख थी 7 अगस्त 2020. एअर इंडिया एक्सप्रेस का विमान रनवे से फिसलकर क्रैश हो गया था. इसमें 21 यात्रियों की मौत हुई थी, जबकि 110 लोग घायल हुए थे. इसमें कोरोना के दौरान वंदे भारत मिशन के तहत दुबई से भारतीयों को लाया जा रहा था. जांच में पता चला पायलट की गलती की वजह से ये हादसा हुआ.
आप ये जानकर हैरान रह जाएंगे कि दुनिया का सबसे बड़ा विमान हादसा स्पेन में हुआ था. तारीख थी 27 मार्च 1977.. KLM फ्लाइट 4805 और पैन एम फ्लाइट 1736 को स्पेन के लॉस पामास एयरपोर्ट पर उतरना था, लेकिन दोनों फ्लाइट्स को लॉस रोडियोस एयरपोर्ट पर डायवर्ट किया गया. जल्दबाजी और मिस कम्युनिकेशन की वजह से दोनों बोइंग 747 विमान एक ही रनवे पर आ गए और टकरा गए. इस भयानक हादसे में 586 लोगों की मौत हुई, जो अब तक का दुनिया का सबसे घातक विमान हादसा माना जाता है. यहां सवाल ये भी उठता है कि जमीन से हजारों फीट की उड़ने वाले यात्री विमानों में आखिर ऐसी कौन सी कमी रह जाती है, जिसे समय रहते ठीक नहीं किया जाता और लोगों को जान गंवानी पड़ती है. अब गुजरात में एयर इंडिया का जो प्लेन क्रैश हुआ है, जिसमें 242 लोग सवार थे, उसकी वजह क्या रही, ये हर कोई पूछ रहा है, आखिर विमान के अंदर आखिरी दो मिनट में ऐसा क्या हुआ, जिसे न सीनियर पायलट संभाल पाए और न उनके साथी.