नई दिल्ली: पटना के दानापुर इलाके में रविवार रात एक दिल दहला देने वाली त्रासदी हुई, जहां इंदिरा आवास योजना से बने एक पुराने मकान की छत अचानक ढह गई. सोते समय यह हादसा हुआ, जिसमें एक ही परिवार के पांच सदस्य जिंदा दबकर मर गए.
घटना दियारा के अकीलपुर थाना क्षेत्र में मानस पंचायत के एक छोटे से गांव की है, जहां मकान मालिक मोहम्मद बबलू अपनी पत्नी रोशन खातून और तीन बच्चों– रुसार, चांद और चांदनी के साथ सो रहे थे. रात में खाना खाकर सभी आराम कर रहे थे कि अचानक तेज धमाके जैसी आवाज आई और पूरा छत का हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा.
आसपास के लोग दौड़े तो मलबे के ढेर में दबे शव मिले. मुखिया वकील राय ने बताया कि ग्रामीणों ने फौरन मलबा हटाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. पांचों की मौके पर ही मौत हो गई. बबलू मजदूरी करके परिवार चलाता था और घर का इकलौता कमाने वाला था. मकान काफी जर्जर हो चुका था. दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई थीं, लेकिन गरीबी की वजह से मरम्मत कराना मुश्किल था. सरकारी योजना से बना यह घर अब परिवार की कब्र बन गया.
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया. शवों को मलबे से निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया. पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है. लोग एक-दूसरे को सांत्वना दे रहे हैं, लेकिन सवाल उठ रहे हैं कि सरकारी आवास की गुणवत्ता पर ध्यान क्यों नहीं दिया जाता.
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मृतकों के परिजनों को तुरंत उचित मुआवजा और मदद दी जाए. पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है, ताकि ऐसे हादसों की असल वजह सामने आ सके. यह घटना एक बार फिर गरीबों के लिए बने घरों की मजबूती पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है.