नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी युवा कारोबारी राजा रघुवंशी की मेघालय में हनीमून के दौरान हुई हत्या के हाई-प्रोफाइल मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने मुख्य आरोपी और राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी को मेघालय हाईकोर्ट से मिली जमानत को रद्द कर दिया है। जस्टिस एम. एम. सुंदरेश और जस्टिस पी. बी. वराले की पीठ ने सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि आरोपी सोनम जमानत की हकदार नहीं है और उसे 3 सप्ताह के भीतर पुलिस के सामने सरेंडर करना होगा।
मेघालय सरकार की अपील पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला
मई 2025 में मेघालय के सोहरा (चेरापूंजी) इलाके में हनीमून पर गए राजा रघुवंशी का शव एक गहरी खाई से बरामद हुआ था। जांच के बाद मेघालय पुलिस ने पत्नी सोनम रघुवंशी और उनके सहयोगियों को राजा की हत्या की साजिश (फाइनेंशियल गेन और साजिश) रचने के आरोप में जून 2025 में गिरफ्तार किया था।
शिलांग जेल में 10 महीने से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद, हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी के तकनीकी कारणों (अरेस्ट ग्राउंड्स न दिए जाने) का हवाला देकर सोनम को जमानत दी थी। इसके खिलाफ मेघालय सरकार और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी।
"ट्रायल जारी है, जमानत से जांच पर पड़ेगा असर"
सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय सरकार की याचिका को स्वीकार करते हुए फैसला सुनाया:
राजा के परिवार ने फैसले का किया स्वागत
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद इंदौर में राजा रघुवंशी के परिजनों और बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने राहत की सांस ली है। परिवार का कहना है कि सोनम शुरुआत से ही मामले को भटकाने के लिए झूठ बोलती आ रही थी। परिवार ने उम्मीद जताई है कि राजा रघुवंशी को अब अदालत से सख्त से सख्त न्याय मिलेगा।