तेहरान: मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. ईरान ने अमेरिकी हमलों का बदला लेते हुए दावा किया है कि उसने जॉर्डन में तैनात कई अमेरिकी फाइटर जेट्स और रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट को बैलिस्टिक मिसाइलों तथा ड्रोन्स से निशाना बनाकर तबाह कर दिया है. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बयान जारी कर कहा कि यह हमला ‘ऑपरेशन नस्र-2’ के 14वें चरण के तहत किया गया.
IRGC के मुताबिक, हमले में कई बैलिस्टिक मिसाइलों और बड़ी संख्या में ड्रोन्स का इस्तेमाल किया गया, जिसमें कई अमेरिकी जेट्स पूरी तरह नष्ट हो गए और कई अन्य को गंभीर नुकसान पहुंचा. साथ ही, ईरानी सैनिकों की हत्या के बदले सीरिया के अल-तनफ स्थित अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशन कमांड सेंटर पर भी हमला किया गया. जॉर्डन की सेना ने हालांकि दावा किया है कि उसने तीन ईरानी मिसाइलों को मार गिराया.
ईरान के इन हमलों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हो सकी है. इस हमले से पहले अमेरिका ने ईरान पर लगातार हमले तेज कर दिए थे. बीती रात अमेरिका ने छठी बार ईरान के होर्मुज स्ट्रेट के आसपास के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. शुक्रवार को अमेरिकी हमलों में ईरान के दो पुलों, ऊर्जा सुविधाओं और एक बंदरगाह पर टावर को क्षति पहुंचाई गई, जिसमें कई नागरिकों के मारे जाने और घायल होने की खबर है.
ईरान ने अमेरिका के सहयोगी देशों पर भी पलटवार किया है. कतर, कुवैत और अन्य इलाकों में मिसाइल हमले किए गए, जिनमें एक पावर और वॉटर डिसेलिनेशन प्लांट को नुकसान पहुंचा. बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच फरवरी 2026 से जारी इस संघर्ष में पहले ही ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो चुकी है, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम की कोशिशें हुई थीं, लेकिन हालिया हमलों ने एक बार फिर तनाव बढ़ा दिया है.