इस्लामाबाद: रूस और चीन ने पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने का संकल्प लिया है. रूस-चीन मैत्रीपूर्ण सहयोग संधि की 25वीं वर्षगांठ के मौके पर दोनों देशों के पाकिस्तान स्थित राजदूतों ने एक संयुक्त लेख लिखकर पाकिस्तान की रणनीतिक अहमियत की तारीफ की और भविष्य में गहरे सहयोग का वादा किया है.
रूस के राजदूत अल्बर्ट पी. खोरेव और चीन के राजदूत जियांग ज़ैडोंग ने अपने लेख में पाकिस्तान को दोनों देशों का करीबी दोस्त बताया. उन्होंने पाकिस्तान की रणनीतिक स्थिति को उभरते यूरेशियन व्यापार और ऊर्जा कॉरिडोर में अहम कड़ी करार दिया.
राजदूतों ने कहा कि रूस और चीन पाकिस्तान के साथ राजनीतिक, आर्थिक और क्षेत्रीय क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने BRICS, SCO (शंघाई सहयोग संगठन) जैसे मंचों पर सहयोग का जिक्र करते हुए पाकिस्तान-अफगानिस्तान शांति प्रक्रिया में भी सहयोग बढ़ाने की बात कही.
यह घटनाक्रम भारत के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि रूस-चीन-पाकिस्तान के करीबी संबंध क्षेत्रीय संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं. दोनों राजदूतों ने पाकिस्तान को बहुध्रुवीय दुनिया के अपने दृष्टिकोण का समर्थक भी बताया. यह संयुक्त लेख रूस-चीन की 2001 की संधि की 25वीं वर्षगांठ पर लिखा गया है, जिसमें दोनों देशों ने पाकिस्तान को अपने भरोसेमंद साझेदार के रूप में आगे बढ़ाने का संकेत दिया है.