तेहरान: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को एक बार फिर से बंद कर दिया है. ईरानी सैन्य अधिकारियों ने कहा कि अमेरिका ने अपना वादा नहीं निभाया, इसलिए इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर सख्त नियंत्रण रखा जा रहा है. ईरान का बयान है कि जब तक अमेरिका ईरानी बंदरगाहों से जुड़े सभी जहाजों की आवाजाही को पूरी तरह स्वतंत्र नहीं होने देता, तब तक होर्मुज में स्थिति उनके सशस्त्र बलों के कड़े नियंत्रण में रहेगी.
यह कदम लेबनान में हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच युद्धविराम के बाद उठाया गया. ईरान ने शुरुआत में अच्छी मंशा दिखाते हुए मार्ग को खोलने की घोषणा की थी, लेकिन शनिवार सुबह स्थिति अचानक बदल गई. ईरानी सरकारी मीडिया ने सैन्य सूत्रों के हवाले से बताया कि होर्मुज अब फिर से पहले जैसी स्थिति में लौट आया है, यानी पूरी तरह नियंत्रित और बंद.
इस पूरे विवाद की जड़ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त नीति बताई जा रही है. ट्रंप ने साफ कर दिया कि भले ही ईरान मार्ग खोल दे, लेकिन अमेरिका अपनी नाकाबंदी तब तक नहीं हटाएगा, जब तक तेहरान परमाणु कार्यक्रम समेत अन्य मुद्दों पर कोई ठोस समझौता नहीं कर लेता.
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के कुल समुद्री तेल व्यापार का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा संभालता है. इसके बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति पर गहरा असर पड़ रहा है, कीमतें बढ़ रही हैं और कई देशों में ईंधन की कमी का खतरा मंडरा रहा है. कुछ दिन पहले जब खुलने की खबर आई थी, तो तेल संकट को लेकर लोगों को थोड़ी राहत महसूस हुई थी, लेकिन अब स्थिति फिर से तनावपूर्ण हो गई है. यह घटनाक्रम मध्य पूर्व में चल रहे तनाव को और बढ़ा सकता है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका दूरगामी प्रभाव पड़ने की आशंका है.