नई दिल्ली: लेंसकार्ट ने सार्वजनिक माफी मांगने के कुछ दिन बाद अब अपने स्टोर्स के लिए एक विस्तृत इन-स्टोर स्टाइल गाइड जारी कर दिया है. इसमें साफ़ कहा गया है कि बिंदी, तिलक, हिजाब, टर्बन समेत सभी सांस्कृतिक और धार्मिक प्रतीकों का उनके आउटलेट्स में स्वागत है. साथ ही यूनिफॉर्म, ग्रूमिंग और वर्कप्लेस व्यवहार के नियम भी तय किए गए हैं.
इस दस्तावेज़ में कंपनी ने जोर देकर कहा है कि विविधता सिर्फ स्वीकार नहीं की जाती, बल्कि उसे सचमुच महत्व दिया जाता है.
X पर जारी बयान में कंपनी ने कहा कि उनका लक्ष्य है, एक स्वागतयोग्य, विश्वसनीय और पेशेवर स्टोर वातावरण बनाना. कंपनी का कहना है कि साफ-सुथरा और अच्छी तरह से प्रस्तुत दिखना, ग्राहकों के प्रति दी जाने वाली देखभाल को दर्शाता है.
साथ ही कंपनी ने खुद को गर्व से भारतीय कंपनी बताया है जो सांस्कृतिक विविधता का जश्न मनाती है. गाइडलाइंस में कहा गया है कि पेशेवरता और स्वच्छता के साथ-साथ व्यक्तिगत, सांस्कृतिक और धार्मिक अभिव्यक्ति का पूरा सम्मान किया जाएगा.
नया स्टाइल गाइड जारी
कंपनी ने अब अपना इन-स्टोर स्टाइल गाइड मानकीकृत करके सार्वजनिक रूप से शेयर कर दिया है. इसमें कर्मचारियों को अपने विश्वास और संस्कृति के प्रतीक पहनने की स्पष्ट अनुमति दी गई है. कंपनी के बयान में कहा गया, ''ये गाइडलाइंस स्पष्ट रूप से और बिना किसी अस्पष्टता के हमारे टीम सदस्यों द्वारा पहने जाने वाले हर धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीक का स्वागत करती हैं, बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब, टर्बन और भी बहुत कुछ. इन्हें अपवाद के रूप में नहीं, बल्कि हमारी पहचान के रूप में स्वीकार किया जाता है.
कंपनी ने अपनी पहचान को और मजबूत करते हुए कहा कि लेंसकार्ट भारत में बनी है, भारतीयों द्वारा, भारतीयों के लिए. इसके 2,400 से ज्यादा स्टोर्स उन लोगों द्वारा चलाए जा रहे हैं जो हर दिन अपना विश्वास, अपनी परंपराएँ और अपनी पहचान काम पर लेकर आते हैं. यह ऐसी चीज नहीं है जिसे हम कभी भी किसी से दरवाजे पर छोड़ने को कहेंगे.