प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिस विमान से चलते हैं उसका नाम इंडिया वन है. ये बोइंग 777 मॉडल का एकदम नया विमान है, जो अमेरिकी कंपनी बनाती है. इंडियन एयरफोर्स के शानदार पायलट इसे ऑपरेट करते हैं. एक बार ईंधन भरने के बाद 17 घंटे तक उड़ सकता है. जरूरत पड़ने पर हवा में ईंधन भरा भी जा सकता है. अगर इस पर किसी ने बुरी नजर डाली तो उसे तहस-नहस भी किया जा सकता है.

पूरा विमान मिसाइल सिस्टम से लैस है. विमान के अंदर ही कॉन्फ्रेंस रूम, बेडरूम, मीटिंग रूम, और मेडिकल भी है. प्रधानमंत्री बनने के 6 साल बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे अपने लिए मंगवाया था, लेकिन अब ख़बर है कि मोदी इस विमान की जगह दूसरा विमान मंगवाने वाले हैं और इसकी वजह है खतरा.
इतने मजबूत विमान को खतरा प्रत्यक्ष नहीं बल्कि अप्रत्यक्ष दुश्मनों से है, इसलिए नए विमान पर दुनियाभर के दिग्गजों ने काम शुरू कर दिया है. यहां तक कि अमेरिकी राष्ट्रपति और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री भी अपना विमान बदलने पर विचार कर रहे हैं, क्योंकि राष्ट्रपति रईसी के साथ जो हुआ उसने सबके दिल में एक डर बैठा दिया है और हर वीआईपी यही सोच रहा है कि हवा में उड़ते-उड़ते अगर कुछ हो गया तो क्या होगा.
इनका डर जायज भी है, पर सवाल ये है कि जब पहले से ही विमान इतने उन्नत किस्म के हैं, तो इसमें क्या बदलाव होंगे तो दो बड़े बदलाव की उम्मीद नजर आती है. पहला बदलाव ये कि विमान को सौर तूफान से निपटने लायक बनाया जाए. अब तक कोई भी विमान ऐसा नहीं है जो हवा में इस तरह के खतरों से निपट सके.

दूसरा बदलाव ये है कि इसका जिम्मा दुनिया की सबसे बड़ी विमान कंपनी को दी जाए, जिसमें अमेरिका, ब्रिटेन, हिंदुस्तान और जापान समेत तमाम देशों के एक्सपर्ट हों. तीन देशों के साथ भारत का बीते दिनों करार भी हो चुका है, जिसमें विमान फ्रांस का और इंजन ब्रिटेन का होगा.
फिलहाल दुनिया के टॉप सुरक्षित विमान की बात करें तो पहले नंबर है एयरफोर्स 1 जिससे अमेरिकी राष्ट्रपति चलते हैं. दूसरे नंबर पर है रॉयल एयरफोर्स, जिससे ब्रिटेन के पीएम चलते हैं. तीसरे नंबर पर है रूस का खास प्लेन, जिससे पुतिन चलते हैं और चौथे नंबर पर है इंडिया वन, जिससे पीएम मोदी चलते हैं.
अगर विमान कंपनियों में देखें तो अमेरिका का बोइंग 717, एयरबस A380, बोइंग 787 और एयरबस A 340 की चर्चा हर कोई करता है, लेकिन जिस तरह के नए हादसे हो रहे हैं उससे एक बात साफ है कि अब जो नए विमान बनेंगे उन्हें मौजूदा समस्याओं को ध्यान में रखकर बनाना. तीन एक्सपर्ट को हर वक्त हर राष्ट्राध्यक्ष को अपने साथ लेकर चलना होगा जो आम तौर पर नहीं होता है.

पहला- मौसम एक्सपर्ट, जिन्हें मौसम की तगड़ी जानकारी होगी. क्योंकि मौसम बिगड़ने से ही बिपिन रावत वाला हादसा हुआ और रईसी के साथ भी मौसम की वजह से ही ऐसा हुआ. इसलिए ये कहा जा रहा है कि पीएम मोदी के हेलीकॉप्टर डिजाइन करने में नहीं बल्कि हर वक्त आसमान में मोदी के साथ अब एक मौसम एक्सपर्ट होगा, जिसकी सलाह मानने के लिए एसपीजी भी बाध्य होगी.
इसके अलावा टेक्निकल एक्सपर्ट और एक ज्योतिष को रखे जाने का प्लान भी तैयार हो सकता है, क्योंकि मोदी ज्योतिषियों की बात सबसे ज्यादा मानते हैं.