नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विवादास्पद बयान के बाद ईरान ने तेज प्रतिक्रिया दी है. ट्रंप ने खामेनेई के जनाजे में इकट्ठे ईरानी नेताओं पर एक शॉट में हमला करने की बात कही थी, जिस पर ईरान ने कहा- ''तुममें न सभ्यता है, न इतिहास और न ही इज्जत!'' ईरान के आर्मेनिया दूतावास ने X पर पोस्ट कर ट्रंप और अमेरिका पर तीखा हमला बोला.
दूतावास ने लिखा, ''लोगों को मारा जा सकता है, लेकिन आदर्शों को नहीं. तुमने आयतुल्लाह खामेनेई को मारा, लेकिन असल में तुमने एक इत्र की शीशी तोड़ी, जिसकी खुशबू हर जगह फैल गई.'' ईरान ने अमेरिका को 250वें स्वतंत्रता दिवस (4 जुलाई) का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका कभी ईरानियों के दर्द और शोक को नहीं समझ सकता क्योंकि उसके पास न सभ्यता है, न इतिहास और न ही सम्मान.
ट्रंप ने क्या कहा था?
ट्रंप ने Axios को दिए इंटरव्यू में दावा किया था कि खामेनेई के जनाजे में ईरान के सारे शीर्ष नेता इकट्ठे हैं. उन्होंने कहा, ''वे सब वहां हैं. एक शॉट और हम उन्हें सबको खत्म कर सकते हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि फिर बातचीत करने के लिए कोई नहीं बचेगा.'' ट्रंप ने यह भी कहा कि वे ईरानियों को खामेनेई के लिए रोते देखकर हैरान हैं और इसे ''नकली आंसू'' बता दिया.
खामेनेई का अंतिम संस्कार
खामेनेई का शव फिलहाल तेहरान में पड़ा है, जहां हजारों लोग श्रद्धांजलि दे रहे हैं. उनका अंतिम संस्कार 9 जुलाई को मशहद में होगा. जनाजे में बड़ी संख्या में लोग जमा हो रहे हैं और शिया परंपरा के अनुसार सीने पीट रहे हैं. ईरान इस पूरे कार्यक्रम को राष्ट्रीय एकता और मजबूती का प्रतीक बना रहा है, जबकि क्षेत्रीय तनाव पहले से ही चरम पर है. ट्रंप का बयान और ईरान की तीखी प्रतिक्रिया दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा रही है.