इंटरनेशनल डेस्क: एक तरफ जहां ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद वहां शोक का माहौल है और उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रियाएं चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ लाल सागर (Red Sea) अचानक भीषण हमले से दहल उठा है। यमन के तट के पास लाल सागर में एक कमर्शियल कार्गो शिप (मालवाहक जहाज) पर बड़ा हमला हुआ है। इस हाईप्रोफाइल हमले के बाद ब्रिटेन समेत तमाम पश्चिमी देशों के रक्षा गलियारों में हड़कंप मच गया है। ब्रिटिश सेना और उसकी समुद्री सुरक्षा एजेंसियां इस घटना के बाद पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं।
यमन तट के पास हुआ हमला, ब्रिटिश सुरक्षा एजेंसी ने की पुष्टि
यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने इस हमले की पुष्टि की है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला यमन के अल हुदैदाह तट से कुछ समुद्री मील की दूरी पर हुआ। कार्गो शिप को निशाना बनाकर किए गए इस हमले के बाद जहाज पर हड़कंप मच गया। प्राथमिक इनपुट्स के अनुसार, हमले के पीछे यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों या सोमाली समुद्री डाकुओं का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की बारीकी से जांच कर रही हैं कि जहाज पर ड्रोन से हमला हुआ है या मिसाइल से।
खामेनेई के अंतिम संस्कार के वक्त हमले के मायने?
अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि इस हमले की टाइमिंग बेहद संवेदनशील है। ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के ठीक वक्त पर लाल सागर में इस तरह की हलचल होना वैश्विक व्यापार और सुरक्षा के लिहाज से बड़ी चिंता का विषय है। लाल सागर का यह रूट अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए एक लाइफलाइन माना जाता है, और इस पर होने वाले हमले सीधे तौर पर ब्रिटेन और यूरोपीय देशों की सप्लाई चेन को प्रभावित करते हैं।
ब्रिटेन में अलर्ट, नौसेना एक्शन में
हमले की खबर मिलते ही ब्रिटिश नौसेना और अंतरराष्ट्रीय टास्क फोर्स के युद्धपोत प्रभावित जहाज की मदद के लिए रवाना हो गए हैं। जहाज पर सवार क्रू मेंबर्स की सुरक्षा और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है और साफ किया है कि अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस घटना के बाद लाल सागर से गुजरने वाले अन्य जहाजों को भी हाई अलर्ट पर रहने की चेतावनी जारी कर दी गई है।