Annamalai: कोयंबटूर में अन्नामलाई के चेहरे वाले पोस्टर लग गए हैं, जिनमें लिखा है - "Fearless minds gave no limits". इन पोस्टरों ने यह अटकलें तेज कर दी हैं कि पूर्व तमिलनाडु BJP अध्यक्ष अन्नामलाई नई राजनीतिक पार्टी शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं. यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब BJP अपनी राज्य केंद्रीय समिति की बैठक कोयंबटूर में कर रही है, जबकि अन्नामलाई फिलहाल विदेश में हैं. उनके समर्थकों ने बताया कि उनकी फैन वेलफेयर संस्था Annamalai Anbu Koottam नए सदस्यों और पदाधिकारियों को शामिल कर रही है.
अन्नामलाई अब तक BJP की दो राज्य केंद्रीय समिति बैठकों में शामिल नहीं हुए हैं, जिससे उनकी राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें और बढ़ गई हैं. अन्नामलाई ने अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. हालांकि, कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम के एक ट्वीट ने इस अटकल को और हवा दी है. उन्होंने लिखा, "तमिलनाडु में एक और नई राजनीतिक पार्टी बनने वाली है.
नई पार्टी शुरू करने की अफवाहों के बीच सूत्रों ने मीडिया को बताया कि BJP नेता अन्नामलाई दिल्ली में BJP अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात करने वाले हैं. यह पूरा मामला केंद्र सरकार की तीन-भाषा नीति पर अन्नामलाई के खुलेआम असहमति जताने के बीच सामने आया है.
तीन भाषा नीति पर विवाद
पिछले हफ्ते अन्नामलाई ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से मांग की कि कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाओं को अनिवार्य करने वाली हालिया अधिसूचना को वापस ले लिया जाए और पहले तय समय सारणी (2029-30 शैक्षणिक सत्र) का सम्मान किया जाए.
15 मई 2026 को CBSE ने सभी संबद्ध स्कूलों को जारी कर कहा था कि 1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 में तीसरी भाषा अनिवार्य कर दी जाएगी, जबकि पहले यह deadline 2029-30 रखी गई थी.
अन्नामलाई ने X पर लिखा कि यह फैसला खासकर तमिलनाडु के कई अभिभावकों के लिए झटके जैसा है, क्योंकि उनके बच्चे पहले ही कक्षा 6 में एक भाषा चुन चुके हैं. उन्होंने कहा कि नई अधिसूचना के अनुसार कक्षा 9 के छात्रों को अब जुलाई 2026 से तीन भाषाएं सीखनी होंगी, जिनमें से दो भारतीय भाषाएं होंगी. इतने कम समय में नई भाषा सीखने का दबाव बच्चों पर पड़ेगा और उनकी समग्र शिक्षा प्रभावित होगी.
अन्नामलाई ने याद दिलाया कि अप्रैल 2026 में CBSE की अधिसूचना में कक्षा 9 के लिए तीन भाषा नियम 2029-30 से लागू करने की बात कही गई थी. उन्होंने मंत्रालय से तत्काल अधिसूचना वापस लेने की अपील की. अन्नामलाई के AIADMK के साथ संबंध विधानसभा चुनाव से पहले खराब हो गए थे, जिसकी वजह से सहयोगी दल के दबाव में उन्हें BJP राज्य अध्यक्ष पद से हटाया गया. CN अन्नादुरै और J. जयललिता पर उनकी विवादास्पद टिप्पणियों ने इस दरार को और गहरा दिया.
केंद्र की भाषा नीति पर असहमति, AIADMK से तनाव और BJP की महत्वपूर्ण बैठकों से अनुपस्थिति इन सभी कारकों ने अन्नामलाई के राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चा को जीवित रखा है. अभी यह साफ नहीं है कि कोयंबटूर में लगे पोस्टर नई राजनीतिक पार्टी की शुरुआत का संकेत हैं या सिर्फ उनके समर्थकों का जोश है. अन्नामलाई ने खुद इस हलचल पर अभी कोई बयान नहीं दिया है.