Kanpur News : कानपुर में आईटीबीपी जवान विकास सिंह की मां का हाथ काटे जाने के मामले ने अब बड़ा रूप ले लिया है. इसी मामले में आईटीबीपी के कमांडो और 32वीं बटालियन के कमांडेंट गौरव प्रसाद चर्चा में आ गए हैं. शनिवार को वह कई जवानों के साथ कानपुर पुलिस कमिश्नर ऑफिस पहुंचे, जिसके बाद पूरे कमिश्नरेट में हड़कंप मच गया.
गौरव प्रसाद इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (ITBP) में कमांडेंट पद पर तैनात हैं और वर्तमान में कानपुर स्थित 32वीं बटालियन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. आईटीबीपी के भीतर उन्हें अनुशासित और सख्त अधिकारी माना जाता है. हाल ही में 32वीं बटालियन के स्थापना दिवस कार्यक्रम में भी उन्होंने जवानों को संबोधित किया था.
पूरा मामला आईटीबीपी जवान विकास सिंह की मां निर्मला देवी से जुड़ा है. आरोप है कि कानपुर के कृष्णा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान लापरवाही हुई, जिसके कारण उनकी मां के हाथ में गंभीर संक्रमण फैल गया और बाद में हाथ काटना पड़ा. इस घटना से नाराज विकास सिंह अपनी मां का कटा हुआ हाथ आइस बॉक्स में लेकर पुलिस कमिश्नर ऑफिस पहुंच गए थे.
इसी मामले में कार्रवाई से असंतुष्ट आईटीबीपी अधिकारियों ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात की. सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि 50 से ज्यादा हथियारबंद जवान कमिश्नरेट पहुंच गए थे. हालांकि, गौरव प्रसाद और पुलिस अधिकारियों ने घेराव जैसी बातों से इनकार किया है. उनका कहना है कि पहले से अनुमति लेकर शांतिपूर्ण तरीके से मुलाकात की गई थी.
गौरव प्रसाद ने कहा कि आईटीबीपी सिर्फ निष्पक्ष जांच चाहती है और जवानों के साथ न्याय होना चाहिए. मामले के बाद अब प्रशासन ने नई जांच समिति बनाने की बात कही है.