जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में रविवार शाम को एक बड़ा हादसा हुआ, जब नेशनल हाईवे-45 (भोपाल-जबलपुर मार्ग) पर शहपुरा के पास रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर बना ओवरब्रिज का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभरा कर ढह गया. यह घटना शाम करीब 5 बजे हुई, जिससे इस महत्वपूर्ण राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया.
सौभाग्य से, उस समय पुल का प्रभावित हिस्सा मरम्मत के कारण बंद था और कोई वाहन नहीं गुजर रहा था, इसलिए किसी की जान नहीं गई और कोई घायल भी नहीं हुआ. पुल का एक हिस्सा दिसंबर 2025 में ही क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद केवल एक तरफ से वन-वे ट्रैफिक चल रहा था. अब दूसरे हिस्से के ढहने से मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है.
यह ओवरब्रिज मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPRDC) के तहत बनाया गया था और इसकी लागत लगभग 400 करोड़ रुपए बताई जा रही है. पुल महज 4-5 साल पहले ही तैयार हुआ था, लेकिन इतने कम समय में दो बार ढहने से घटिया निर्माण, घटिया सामग्री के इस्तेमाल और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग रहे हैं.
स्थानीय लोग लंबे समय से पुल की गुणवत्ता पर सवाल उठाते आ रहे थे.हादसे के बाद पुलिस ने दोनों ओर ट्रैफिक रोका और वैकल्पिक मार्गों से डायवर्शन शुरू किया गया. छोटे वाहनों को शहपुरा शहर के अंदर से और बड़े वाहनों को भेड़ाघाट-सिहोदा या किसरौंध रूट से निकाला जा रहा है, जिससे यात्रियों को काफी असुविधा हो रही है.
प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है और देर रात तक मलबा हटाने का काम चलता रहा. PWD मंत्री राकेश सिंह ने मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और FIR दर्ज करने की घोषणा की है. जांच के आदेश दिए गए हैं ताकि निर्माण में हुई लापरवाही और कमजोरियों का पता लगाया जा सके.
NHAI ने भी स्पष्ट किया कि पुल MPRDC द्वारा बनाया और रखरखाव किया जा रहा था. यह घटना मध्य प्रदेश में सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की गुणवत्ता और निगरानी पर बड़े सवाल खड़े कर रही है, खासकर जब यह पुल राजधानी भोपाल और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ता है.