रूस-यूक्रेन जंग का होगा खात्मा, रूस जाएंगे भारत के जेम्स बॉन्ड अजीत डोभाल

Global Bharat 08 Sep 2024 03:19: PM 2 Mins
रूस-यूक्रेन जंग का होगा खात्मा, रूस जाएंगे भारत के जेम्स बॉन्ड अजीत डोभाल

रूस यूक्रेन जंग को रुकवाने के लिए भारत सरकार ने आखिरकार बड़ा कदम उठा ही लिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे लेकर अगला कदम भी उठा लिया है. बता दें कि रूस यूक्रेन के बीच लगभग ढाई से साल से युद्ध चल रहा है, जिसका अंत वर्तमान में खत्म होता नहीं दिख रहा था. इसी बीच पीएम मोदी ने यूक्रेन का दौरा किया और सबकुछ पलट दिया. अमेरिका, यूरोप सहित विश्व के सभी देशों को लगने लगा कि भारत ही ऐसा देश है जो इस युद्ध को खत्म करा सकता है.

हाल ही में रूस की तरफ से व्लादिमीर पुतिन ने स्पष्ट किया था भारत युद्ध रुकवाने में अहम भूमिका अदा कर सकता है. यह स्पष्ट रूप से भारत सरकार और पीएम मोदी के लिए ग्रीन सिग्नल की तरह था. फिर क्या था भारत सरकार ने भी अगला कदम उठा लिया और भारत के जेम्स बॉन्ड राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को रूस भेजने का फैसला किया. 

इसे लेकर हाल ही में राष्ट्रपति पुतिन के साथ पीएम मोदी की फोन पर बातचीत भी हुई थी. इस दौरान दोनों शीर्ष नेताओं के बीच चर्चा हुई कि यूक्रेन यात्रा के बाद शांति समझौते से जुड़ी बातों पर चर्चा करने के लिए भारत अपने एनएसए अजित डोभाल को रूस भेजेगा. पीएम मोदी के इस कदम से रूस और यूक्रेन की जंग रोकने के लिए शांति प्रयासों में भारत की भूमिका और मजबूत होगी. हालांकि अजीत डोभाल के रूस जाने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि दोनों देशों के बीच शांति कैसे कायम की जा सकती है.

ज्ञात रहे कि सिर्फ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ही भारत से मध्यस्थता के लिए नहीं कहा था, इससे पहले यूक्रेन, कई यूरोपीय देश और यहां तक की अमेरिका भी भारत से हस्तक्षेप की गुहार लगा चुका है. व्लादिमीर पुतिन के बाद ही इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी कहा था कि भारत ही ऐसा देश है, जो रूस-यूक्रेन मुद्दे को सुलझा सकता है.

हालांकि यह अभी तक साफ नहीं हो पाया कि एनएसए अजित डोभाल रूस की यात्रा पर कब जाएंगे. गौरतलब हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने ही यूक्रेन का दौरा किया था, जहां उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान युद्ध के मैदान में नहीं हो सकता है. इससे पहले पीएम मोदी रूस की यात्रा पर भी गए थे और पुतिन से मुलाकात कर दोहराया था कि यह जंग का युग नहीं है. 

वहीं पीएम मोदी से बातचीत करने के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि वे शांति के खिलाफ नहीं हैं, इसलिए यूक्रेन के साथ जंग को खत्म करने के लिए वह ब्राजील, चीन और भारत से संभावित मीडिएटर की भूमिका निभाने की अपील करते हैं. इसी बात को इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी दोहराया था. उन्होंने भी भारत को संभावित मीडिएटर के रूप में अपना समर्थन दिया था. वहीं मीडिएटर के रूप में अपना पक्ष मजबूत करने के लिए पीएम मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन से भी फोन पर बात की थी.

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