इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो उसी घाटी का है जहां को लेकर दावा किया जाता है कि जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 हटने के बाद शांति का माहौल है. यहां से विस्थापित हो चुके कश्मीर पंडितों को धीरे-धीरे फिर से बसाने की शुरूआत की गई है. कश्मीर के कई इलाके जहां से हिंदू अपना घर छोड़कर हिम्मत बंधी और वापसी करने लगे हैं. लेकिन असलियत तब सामने आई जब इन तमाम दावों को सुनकर एक कश्मीरी हिंदू परिवार कई सालों बाद अपने इलाके में लौटे और घर बनाना शुरू किया.
दरअसल इन तमाम दावों को देखकर संजय वली और उनके परिवार के मन से वर्षों पहले का डर निकल गया था लेकिन उन्हें नहीं पता था कि सब कुछ ठीक नहीं है. नतीजा कश्मीर के वेरिनाग में उन्होंने अपनी जमीन पर घर बना शुरू किया. लेकिन वह अपने घर अपनी जगह अपनी गलियों में वापस लौटते उससे पहले उन्हें विवाद का सामना करना पड़ा.
ज्यादा हैरानी की बात ये है कि चुनाव के नतीज़े आने के 24 घंटे बाद ही संजय वली परिवार को पीटा गया. संजय ने बताया कि जिस इलाके में उनका घर है, वहां वह इकलौते हिंदू हैं, बाकी सब मुस्लिम हैं. मुस्लिम इलाके में घर बनाने को लेकर मुसलमान उनसे नाराज है. उन्हें वहां से जाने की धमकी मिली. वह नहीं माने तो उन्हें और उनके परिवार को पीटा गया. जब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर आया तो बवाल मच गया. इस वीडियो में घाटी की सच्चाई सामने ला दी. अब इस वीडियो को देखकर कई लोग घटना पर अपनी नाराजगी जता रहे हैं.
बवाल देख कश्मीरी पंडितों का ये परिवार फिर से खौफ में आ गया और उस घर में शिफ्ट नहीं हुआ. बावजूद इसके उनके पड़ोसि अब उन लोगों को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं. पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि चुनाव रिजल्ट आने के बाद कुछ लोग उनके घर के सामने आए और उन लोगों से अभद्रता की. परिवार की महिलाओं के साथ भी बदसलूकी की जो इस वीडियो में साफ़ तौर पर देखा जा रहा है. घर तोड़ दिया गया. कंस्ट्रक्शन का मेटेरियल फेंक दिया. अन्य सामान लोग उठाकर ले गए. संजय ने कहा कि उन्हें इस घटना के बाद डर है कि कहीं 1990 जैसे त्रासदी उन लोगों को फिर से न झेलनी पड़े.
क्योंकि 1990 के दशक में घाटी में जो कश्मीरी पंडितों के साथ हुआ था वो आज भी अगर याद आ जाता है कश्मीरी पंडितों की रूंह काँप जाती है. आतंकवादियों ने कश्मीरी पंडितों को चुन चुन कर निशाना बनाया था. उन्हें इतना मजबूर कर दिया था कि आखिर में उन्हें अपना सबकुछ छोड़कर कश्मीर से जान बचाकर भागना पड़ा था. कहा जाता है कि इस दौरान लगग 4 लाख कश्मीरी हिंदुओं को अपने घर छोड़ने पड़े और वे अपने ही देश में शरणार्थी बन गए.
ऐसे में जब वेरिनाग में इकलौते हिंदू परिवार की प्रताड़ित किए जाने का ये वीडिया सामने आया तो लोगों में खौफ बैठ गया है. हालांकि इससे पहले भी घाटी से कश्मीरी पंडितों की जान लेने की तमाम खबरें सामने आती रही हैं और अब इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस को छेड़ दिया है. लोगों का कहना है कि कश्मीर में बहुत कुछ बदल गया है लेकिन नहीं बदले तो वह हैं हिंदुओं के हालत. हिंदू परिवारों को प्रताड़ित किया जा रहा है. उन्हें लग रहा है कि 1990 का दौर फिर वापस आ रहा है और हिंदू खौफ में हैं.