हिंदुस्तान में मजार और दरगाहों के नाम पर कितना बड़ा खेल चल रहा है, इसका खुलासा तब हुआ जब गुजरात के जामनगर में एक टीम अवैध अतिक्रमण हटाने पहुंची, उसे पता चला 11 हजार स्कवॉयर फीट के इलाके में एक मजार बना हुआ है, जो अंदर से काफी आलीशान है, पुलिस की टीम जैसे ही मजार के अंदर जाती है आलीशान कमरे, उसकी चममचाती दीवारें और रंग-रोगन दिखती है, कमरों के अंदर घुसने पर पता चलता है यहां तो बाथटब भी है, जो स्पेशल लोगों के लिए है, तो वो स्पेशल लोग कौन हैं, जो यहां आते थे, इस पर आएं उससे पहले जामनगर में हुई कार्रवाई का नजारा देखिए।
बाथटब और मार्बल फ्लोरिंग! पुलिस भी रह गई हैरान (Jamnagar Illegal Construction)

ये हैं जामनगर के एसपी प्रेमसुख डेलू, जो आलीशान मजार का जायजा लेने खुद पहुंचते हैं, जहां हर कमरे में महंगी टाइल्स, मार्बल और आलीशान सुविधाएं दिखी, पूरे मजार में कहीं भी चंदे या दान के लिए कोई बॉक्स रखा नजर नहीं आया. उनके साथ मौजूद पुलिसकर्मी ये देखकर दंग थे कि एक मजार के अंदर इतनी सुविधाएं क्यों है, ये वीडियो जामनगर एसपी नाम के ट्विटर हैंडल से शेयर किया गया है.
यह अतिक्रमण वाले इलाके के हालात है, पहले जहां बड़े-बड़े मकान बने थे, धार्मिक इमारत खड़ी नजर आ रही थी, गलियों में चलने तक की जगह नहीं थी, वहां 12 जेसीबी, तीन हिताची मशीन और 13 ट्रैक्टर लेकर 100 लोगों की टीम पहुंचती है. और करीब 11 हजार वर्ग फीट में फैले इलाके से अवैध कब्जा हटा देती है.
25 साल पुराना कब्जा, नदी का बहाव भी रोका गया था (Bulldozer Action in Jamnagar)

इसमें करीब 4 धार्मिक स्थल, और 296 मकान थे, जो करोड़ों की सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाए गए थे. करीब 8 लाख स्कवॉयर फीट जमीन से अवैध कब्जा खाली करवाया गया. लेकिन चौंकाने वाली बात ये है कि ये सब 20-25 साल पहले बना था, इसी निर्माण की वजह से जामनगर के बाचु नगर एक्सटेंशन समेत कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो जाते थे, क्योंकि अवैध निर्माण करने वालों ने वहां के रंगमती नदी के बहाव तक को रोक दिया था
इसकी जानकारी प्रशासन तक पहुंची तो काफी लंबी जांच-पड़ताल के बाद नगर निगम ने स्पेशल टीम बनाकर इन्हें हटाने का फैसला लिया. खबर यहां तक है कि कई अपराधियों ने भी इस इलाके में मकान बना लिए थे, जिनका घर अब जमींदोज हो चुका है, लेकिन गुजरात पुलिस के लिए अब यहां से एक नई कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो चुका है.
फार्महाउस किसका? पुलिस को अब असली मालिक की तलाश

क्योंकि जो टीम अतिक्रमण हटाने गई थी, उसकी आंखों के आगे संगमरमर और महंगे टाइल्स वाले दृश्य अब भी नाच रहे हैं. उनकी निगाहें उस व्यक्ति को ढूंढ रही हैं, जिसने मजार की आड़ में आलीशान फार्महाउस बनाया, इसका मालिक कौन है, और इसका निर्माण किसने करवाया, उसकी जांच पड़ताल जारी है.
बस्ती बसाने वाला कौन? सवाल अभी भी वहीं है

जिस कमरे में बाथटब मिला है, उसके बाहर बकायदा नोटिस लगा था कि छुट्टी के दिनों को छोड़कर किसी को अंदर आने की इजाजत नहीं है तो फिर सवाल है वो कौन था, जो छुट्टी के दिनों में इस बाथटब में बैठकर आनंद लेता था, बाथटब आप कहीं भी लगवा सकते हैं, लेकिन जमीन पर अवैध कब्जा जमाकर और लोगों को बेवकूफ बनाकर ऐसा करेंगे तो सवाल तो उठेंगे ही.
इसलिए ऐसे लोगों पर क्या एक्शन होना चाहिए, आप भी सोचिए और बताइए. गुजरात में लंबे वक्त से अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई जारी है, वहां के गृहमंत्री हर्ष सांघवी का साफ आदेश है एक भी घुसपैठिया यहां नहीं नजर आना चाहिए और ना ही अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त किया जाएगा, बरसों बाद चंदोला झील को गुजरात पुलिस के प्रयासों से ही अतिक्रमण मुक्त कराया गया, जिसकी तस्वीरें खूब वायरल हुई, और बाद में पता चला उसके पीछे लल्ला पठान का हाथ था, उसी ने बस्ती बसाई थी, अब जामनगर के इस इलाके में अवैध बस्तियां बसाने वाला कौन है, इसकी भी तलाश जरूरी है.
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