पटना : जमुई के चर्चित मड़वा कांड में मुख्य आरोपी नंदन यादव की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उसके परिवार से जुड़ा एक पुराना आपराधिक मामला भी सामने आया है. पुलिस ने नंदन के पिता गनौरी यादव को 2003 के दोहरे हत्याकांड में गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, इस मामले में गनौरी यादव लंबे समय से फरार चल रहा था.
दरअसल, 3 अप्रैल 2003 को जमुई के टाउन थाना क्षेत्र के प्रतापपुर गांव में डीपी यादव और पुन्ने यादव नाम के दो भाइयों की हत्या हुई थी. पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे ठेकेदारी व कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ा विवाद बताया गया था. वारदात के बाद मृतकों की मां संसारी देवी ने थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें गनौरी यादव समेत कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था.
पुलिस का कहना है कि इस मामले में गनौरी के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल हुई थी, लेकिन वह गिरफ्तारी से बचता रहा. अन्य आरोपियों के संबंध में अदालत की कार्रवाई आगे बढ़ चुकी थी, जबकि गनौरी पुलिस की पकड़ से बाहर था. पुलिस ने उसे प्रतापपुर से गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. गनौरी यादव पर सिर्फ हत्या का ही आरोप नहीं है. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उसके खिलाफ दंगा, गैरकानूनी जमाव और आर्म्स एक्ट से जुड़ा मामला भी दर्ज है.
यह गिरफ्तारी उसके बेटे नंदन यादव की गिरफ्तारी के ठीक बाद हुई है. नंदन को जमुई के मड़वा मामले में पुलिस ने कार्रवाई के दौरान पकड़ा था. पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी और उसके पास से देसी पिस्तौल बरामद हुई. नंदन पर नाबालिग छात्रा से बदसलूकी के मामले में केस दर्ज है. यानी जिस कार्रवाई की शुरुआत नंदन की गिरफ्तारी से हुई, उसी दौरान पुलिस के हाथ 23 साल पुराने डबल मर्डर केस का फरार आरोपी गनौरी यादव भी लग गया.