जमुई: जमुई में नाबालिग छात्रा से खुलेआम बदसलूकी और उसके दोस्त से मारपीट की घटना के वायरल वीडियो ने पूरे राज्य में आक्रोश पैदा कर दिया है. इस कांड के खिलाफ कांग्रेस पार्टी मंगलवार को सभी जिला मुख्यालयों और प्रखंड मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करेगी. वहीं पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष एसआईटी गठित कर दी है.
एडीजी (विधि व्यवस्था) केएस अनुपम ने बताया कि सात-आठ आरोपियों की पहचान हो चुकी है. इनमें से तीन विधि-विरुद्ध बालक (नाबालिग) को निरुद्ध किया गया है. दो अन्य की पहचान हो गई है और शेष की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है. जमुई थाने में बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है. एसडीपीओ दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है.
घटना क्या थी?
19 सितंबर की शाम करीब 6:25 बजे जमुई शहर के एक कोचिंग में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा अपने सहपाठी के साथ स्कूटी से मड़वा पहाड़ी घूमने गई थी. लौटते समय रास्ते में छह-आठ युवकों ने दोनों को घेर लिया. छात्र को पीटा गया और छात्रा से अभद्रता की गई. डरी-सहमी छात्रा हाथ-पैर जोड़ती रही, लेकिन आरोपी खुलेआम बदसलूकी करते रहे. एक युवक उसे उठाकर ले जाने लगा. दोनों किसी तरह बच निकले.
20 सितंबर शाम से वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा. पीड़िता के पिता ने रविवार को थाने में आवेदन दिया. पुलिस ने वीडियो के आधार पर छात्रा की पहचान कर एफआईआर दर्ज की. राष्ट्रीय महिला आयोग ने घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए बिहार डीजीपी को पत्र लिखा है.
आयोग ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, पीड़ितों को सुरक्षा-कानूनी सहायता और मनोवैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. पुलिस सोशल मीडिया से वीडियो हटाने के प्रयास कर रही है और लोगों से अपील की है कि वीडियो शेयर न करें. कांग्रेस के प्रदर्शन और पुलिस की तेज कार्रवाई के साथ यह मामला राज्य की राजनीति और प्रशासनिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है.