झांसी : पिछले तीन दिनों से जिस सांप का डर परिवार को सता रहा था, वही डर आखिरकार एक मासूम की जान लेकर चला गया. उत्तर प्रदेश के झांसी में सामने आए इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है.
करीब तीन दिन पहले नेहा कुशवाहा के घर में दो सांप दिखाई दिए थे. स्थानीय लोगों ने एक सांप को मार दिया, लेकिन दूसरा सांप घर से निकलकर कहीं छिप गया. परिवार ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला.
दो दिन बाद देर रात नेहा अपने छह वर्षीय इकलौते बेटे मयंक और बेटी प्रगति के साथ उसी कमरे में सो रही थीं, जहां पहले सांप दिखाई दिया था. रात करीब तीन बजे प्रगति अचानक दर्द से चीखकर रोने लगी. नेहा ने उसे तुरंत उठाकर बाहर ले गईं. पहले किसी को समझ नहीं आया कि क्या हुआ है, लेकिन शरीर पर दांत के निशान देखकर सांप के डसने की आशंका हुई.
इसी बीच करीब पांच से सात मिनट बाद कमरे से मयंक के रोने की आवाज आई. परिजन दौड़कर अंदर पहुंचे तो देखा कि एक करैत सांप बच्चे के ऊपर बैठा हुआ था. किसी तरह सांप को भगाकर मयंक को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसे चार जगह डस चुका था.
दोनों बच्चों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही मयंक ने दम तोड़ दिया. वहीं, प्रगति का इलाज जारी है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. मृतक बच्चे की मां नेहा का कहना है कि अगर बेटी को डसते ही पता चल जाता कि सांप कमरे में ही है, तो वह बेटे को भी तुरंत बाहर निकाल लेतीं.
बताया जा रहा है कि हमला करने वाला सांप करैत था, जिसे भारत के सबसे जहरीले सांपों में गिना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार करैत के जहर का असर तेजी से फैलता है और समय पर इलाज न मिलने पर जान बचाना बेहद मुश्किल हो सकता है. यह हादसा बरसात के मौसम में घरों के आसपास सांपों से सतर्क रहने की अहम चेतावनी भी देता है.