बाइडेन और पुतिन दोनों ने किया मोदी को फोन, 72 घंटे में लिए 3 फैसले, बदल गए वैश्विक हालात!

Global Bharat 27 Aug 2024 05:10: PM 3 Mins
बाइडेन और पुतिन दोनों ने किया मोदी को फोन, 72 घंटे में लिए 3 फैसले, बदल गए वैश्विक हालात!

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब से यूक्रेन से लौटे हैं, दुनियाभर के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री आवास में हलचल तेज हो गई है. अमेरिका के व्हाइट हाउस में बैठे बाइडेन ने जहां मोदी के दिल्ली लौटते ही सीधा फोन मिला दिया तो वहीं रूसी राष्ट्रपति पुतिन ये जानते हुए कि मोदी उनके दुश्मन मुल्क यूक्रेन गए थे, फोन करने से खुद को रोक नहीं पाए. ऐसे में ये समझना जरूरी हो जाता है कि तीन देशों के दिग्गजों से क्या बातचीत हुई, बाइडेन से हुई बातचीत के बारे में पीएम मोदी ट्वीट कर बताते हैं. आज फोन पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से बात हुई. हमने यूक्रेन के हालात समेत विभिन्न क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की. मैंने शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए भारत की ओर से पूर्ण समर्थन की बात दोहराई. हमने बांग्लादेश के हालात पर भी चर्चा की. 

मोदी और बाइडेन के बीच और क्या बातचीत हुई ये जानकारी तो सामने नहीं आई, पर सूत्र बताते हैं कि बाइडेन यूक्रेन दौरे वाली बात जानने को बेताब थे. लेकिन बाइडेन का कॉल करना तो ठीक था, पर रूसी राष्ट्रपति पुतिन जिनके नाराज होने की ख़बरें सामने आने लगी थी, उन्होंने अचानक से पीएम मोदी को कॉल क्यों किया, क्या उन्होंने कॉल कर अपने दोस्त मोदी से कोई आपत्ति जताई. तो इस सवाल पर आएं उससे पहले पीएम मोदी का ये ट्वीट देख लीजिए. पीएम मोदी लिखते हैं. आज राष्ट्रपति पुतिन से बात हुई. विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की गई. रूस-यूक्रेन संघर्ष और यूक्रेन की हालिया यात्रा पर मेरी अंतर्दृष्टि पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ. संघर्ष के शीघ्र, स्थायी और शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करने के लिए भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई.

भारत शुरुआत से ही शांति के पक्ष में है, पर चूंकि मोदी एक ऐसे देश का दौरा करके लौटे हैं, जहां भारत का कोई प्रधानमंत्री अब तक नहीं गया, इसलिए दुनिया के बड़े-बड़े देश उनका अनुभव जानना चाहते हैं. जो यूक्रेन कभी सोवियत संघ का हिस्सा हुआ करता था, शायद वहां कितने हालात बदले हैं, इस बात पर भी पुतिन औऱ मोदी के बीच चर्चा हुई होगी. जबकि बाइडेन के बीच हुई बातचीत में जरूर इस बात पर चर्चा हुई होगी कि यूक्रेन में पीएम मोदी को कोई परेशानी तो नहीं हुई. क्योंकि यूक्रेन में मोदी की सुरक्षा को न सिर्फ खतरा था, बल्कि कभी भी कुछ भी हो सकता है.

ये जो तस्वीरें आप देख रहे हैं, ये साफ इशारा करती हैं कि एसपीजी ने किन हालातों में मोदी के दौरे को पूरा करवाया है. इसीलिए वापस हिंदुस्तान लौटने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन शायद ये समझना चाहते हैं कि भारत किस स्तर तक यूक्रेन के साथ है, क्या भारत अमेरिका वाली भूमिका निभाने की प्लानिंग में है, जबकि दोस्त पुतिन शायद मोदी को ये दिखाना चाहते हैं कि आप भले ही हमारे दुश्मन मुल्क यूक्रेन में गए, लेकिन इससे हमारी दोस्ती पर कोई खास असर नहीं पड़ा है. मोदी के दौरे से पहले वैश्विक मामलों के कई बड़े जानकार ये कह रहे थे कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रूस को भरोसे में लेकर इस दौरे की प्लानिंग तैयार की थी, ताकि दोनों देशों के बीच भारत मध्यस्थत की भूमिका निभाई और दुनियाभर के देशों को शांति का संदेश दे सके.

पुतिन की फोन कॉल के बाद अब ये बात लगभग साफ होती नजर आ रही है. और ऐसा इसलिए क्योंकि 72 घंटे में मोदी ने 3 ऐसे फैसले लिए हैं, जिससे दुनियाभर में हलचल मची हुई है. 

  • पहला- यूक्रेन की धरती से ये कहना हमने पुतिन की आंख में आंख डालकर शांति अपनाने को कहा
  • दूसरा- पोलैंड में जाकर ये बताना कि भारत हर उस देश के साथ है, जो हमारे के लिए खास और जरूरी है
  • तीसरा- पाकिस्तान की धरती में विमान घुसना, उसके बाद पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों के बीच हड़कंप मच जाना

Recent News