Jyoti Malhotra: हरियाणा की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तारी के बाद अब ओडिशा की यूट्यूबर प्रियंका सेनापति भी जांच के घेरे में है। 18 मई 2025 को हिसार पुलिस ने ज्योति को संवेदनशील जानकारी पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों को देने के आरोप में गिरफ्तार किया। इस मामले ने तब नया मोड़ लिया जब पता चला कि ज्योति ने सितंबर 2024 में पुरी की यात्रा के दौरान प्रियंका सेनापति के साथ समय बिताया था। ओडिशा पुलिस अब प्रियंका की भूमिका और उनके कथित पाकिस्तान दौरे की जांच कर रही है।
ज्योति की गिरफ्तारी हुई थी
ज्योति मल्होत्रा, जो 'ट्रैवल विद जो' नाम से यूट्यूब चैनल चलाती है, उस पर आरोप है कि उसने ऑपरेशन सिंदूर और भारतीय सेना से जुड़ी गोपनीय जानकारी व्हाट्सएप, टेलीग्राम और स्नैपचैट के जरिए पाकिस्तानी एजेंटों को भेजी। ज्योति के यूट्यूब चैनल की अगर बात करें तो उस पर 3.77 लाख सब्सक्राइबर्स हैं, जबकि इंस्टाग्राम पर 1.33 लाख लोग ज्योति को फॉलो करते हैं। खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिला था कि ज्योति दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के एक कर्मचारी दानिश खान के संपर्क में थी, जिसे 13 मई 2025 को जासूसी के आरोप में भारत से निष्कासित कर दिया गया।
ब्लॉगर है प्रियंका
प्रियंका सेनापति, पुरी की एक ट्रैवल व्लॉगर है जिसे ज्योति का दोस्त बताया जा रहा है। प्रियंका का कहना है कि दोनों की मुलाकात यूट्यूब के जरिए हुई थी। सितंबर 2024 में ज्योति ने पुरी के जगन्नाथ मंदिर की यात्रा की, जहां प्रियंका ने उनकी सहायता की। जांच में पता चला कि प्रियंका ने तीन-चार महीने पहले करतारपुर साहिब गुरुद्वारे की यात्रा की थी, जिसके बाद खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गईं। पुरी के पुलिस अधीक्षक विनीत अग्रवाल ने बताया कि प्रियंका की भूमिका की हर तरह से जांच की जा रही है। ओडिशा पुलिस केंद्रीय खुफिया एजेंसियों और हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर काम कर रही है।
प्रियंका के पिता राजकिशोर सेनापति ने कहा, “मेरी बेटी का ज्योति के साथ सिर्फ पेशेवर रिश्ता था। हमें ज्योति की जासूसी गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं थी। प्रियंका ने करतारपुर की यात्रा एक अन्य दोस्त के साथ की थी, न कि ज्योति के साथ।” प्रियंका ने भी सोशल मीडिया पर सफाई दी, “ज्योति मेरी दोस्त थी, और मैं उनकी गतिविधियों से अनजान थी। मैं जांच में पूरा सहयोग कर रही हूं।”
पुलिस अभी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ज्योति ने पुरी में किन-किन लोगों से मुलाकात की और उनकी यात्रा का मकसद क्या था। प्रियंका पर अभी कोई औपचारिक आरोप नहीं लगाया गया है, लेकिन उसे पुरी छोड़ने से मना किया गया है। खुफिया एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि क्या ज्योति अन्य सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के साथ मिलकर काम कर रही थी। यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।