नई दिल्ली: पहलगाम हमले के बाद पूरे देश में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्से का माहौल है. आम लोगों से लेकर मंत्रियों तक के बयान आ रहे हैं कि इस बार पाकिस्तान को ऐसा सबक सिखाना चाहिए कि वो अपनी आतंकी हरकतों को हमेशा के लिए छोड़ दे. तो वहीं कुछ नेताओं ने पाकिस्तान पर हमले का विरोध किया था, तो साथ ही कुछ कांग्रेसी नेताओं ने तो ये तक कह दिया था कि आतंकियों ने मारने से पहले धर्म नहीं पूछा. लेकिन इस सबके बीच कर्नाटक के अल्पसंख्यक मंत्री जमीर अहमद खान का बड़ा बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने पीएम मोदी से अपील की है कि उन्हें आत्मघाती बम बांध कर पाकिस्तान भेजा जाए, जिससे कि वो पाकिस्तान से बदला ले सकें.
कर्नाटक के मंत्री का बयान
कर्नाटक सरकार में आवास और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमीर अहमद खान किसी कार्यक्रम में पहुंचे थे. जहां मीडिया ने जब पहलगाम का मुद्दा उठाया तो उन्होंने सीधे कहा कि पाकिस्तान तो हमेशा से ही भारत का दुश्मन देश रहा है. इसीलिए में पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से ये अपील करता हूं कि वो मुझे परमिशन दें कि मैं आत्मघाती बम बांध कर पाकिस्तान जा सकूं. मैं पाकिस्तान जाकर हमला करने के लिए पूरी तरह से तैयार हूं. और ये बात मैं मजाक में नहीं कह रहा हूं. बल्कि इस बात को लेकर में काफी ज्यादा गंभीर हूं.
सीएम ने किया था हमले का विरोध
हालांकि कुछ दिनों पहले ही कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का एक बयान काफी चर्चाओं में रहा था, जब उन्होंने पाकिस्तान पर हमला ना करने के लिए कहा था. सीएम का कहना था कि इस हमले के लिए पाकिस्तान के साथ युद्ध नहीं करना चाहिए. तो वहीं कांग्रेस के ही अन्य कुछ नेताओं ने तो ये तक कह दिया था कि आतंकवादियों ने गोली मारने से पहले किसी से धर्म नहीं पूछा था. उनके पास इतना समय नहीं होता कि गोली मारने से पहले कान में किसी का धर्म पूछें. जिसके बाद लोगों ने इसे पहलगाम हमले में जान गंवाने वाले परिवारों का अपमान भी बताया था. इन्हीं बयानों के बाद कांग्रेस को अपने नेताओं के लिए एक गाइडलाइन भी जारी करनी पड़ी थी जिसमें कहा गया था कि कोई भी नेता या मंत्री इस तरह की बयानबाजी ना करे.