Kerla Madrsa Crime News: केरल में मदरसे की आड़ में अय्याशी का अड्डा चला रहे एक मौलवी पर बहुत बड़ा खुलासा हुआ है. ये मदरसा टीचर मोहम्मद रफी 14 वर्ष की नाबालिग छात्रा का यौन शोषण कर रहा था, जबकि इससे पहले भी ये एक बलात्कार के केस में जेल में रह चुका है, लेकिन जब मौलवी की काली सच्चाई सामने आई तो कोर्ट ने कड़ा फैसला लेते हुए इसे 187 साल की सजा सुनाई है.
2 साल से कर रहा था रेप
ये खबर केरल के कुन्नूर की है जहां एक मदरसा शिक्षक मोहम्मद रफी (41) है, रफी को तालीपरम्बा फास्ट-ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने 187 साल की सजा सुनाई है, साथ ही कोर्ट ने ये भी कहा है कि ऐसे अपराधियों को समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं है. मोहम्मद रफी ने छात्रा का शोषण COVID-19 महामारी के दौरान किया था, इस दौरान लगातार 2 साल तक वो इस मासूम बच्ची के बचपन के साथ खिलवाड़ करता रहा. इसी बीच परिवार ने बेटी के व्यवहार में बदलाव देखा, उसका ना तो पढ़ने में मन लगता था और ना घर पर किसी से बात करती थी, बेटी की परेशानी को देखते हुए माता-पिता उसे काउंसलिंग सेंटर लेकर जाते हैं. जहां वो बच्ची अपने साथ हुए इस अत्याचार के बारे में बताती है. साथ ही लड़की ने ये भी बताया कि रफी ने किसी को ना बताने के लिए धमकी भी दी थी.
किन-किन धाराओं में मिली सजा
जब परिवार को बेटी के साथ हुए अत्याचार के बारे में पता चला तो उन्होंने मोहम्मद रफी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया. जहां कोर्ट ने उसे पॉक्सो एक्ट और IPC की कई धाराओं में दोषी पाया. जिस पर मौलाना को कोर्ट ने सजा भी अलग-अलग सुनाई. जिसमें पॉक्सो एक्ट की धारा 5(T) के तहते 50 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है, ये धारा स्पेशल केस में उन लोगों पर लगाई जाती है जो बार-बार बलात्कार जैसे अपराध करते हैं. इसके अलावा 16 साल से कम उम्र की लड़की का रेप करने के लिए IPC की धारा 376 (3) के तहत 25 साल की सजा, धमकी देने के लिए IPC की धारा 506 (2) के तहत 2 साल की सजा, शिक्षक जैसे सम्मानित पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा बार-बार बलात्कार करने के लिए POSCO एक्ट की धारा 5 (1) और 5 (F) के तहत 35-35 साल की सजा सुनाई गई है, पेनिट्रेटिव यौन हमले और जबरन ओरल सेक्स के लिए 20-20 साल की सजा सुनाई गई है.
इसमें सबसे खास बात ये है कि ये सारी लजा अलग-अलग चलेंगी, इसीलिए मौलाना को 187 साल की सजा सुनाई गई है.