लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मौलाना जरजिस अंसारी का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में मौलाना दावा करते सुनाई दे रहे हैं कि भगवान श्रीकृष्ण 5 वक्त की नमाज पढ़ते थे. यदि विश्वास न हो तो श्रीमद्भगवद्गीता के छठे अध्याय के 10वें श्लोक को पढ़ लीजिए. इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. कुछ लोग इसे धार्मिक सौहार्द की कोशिश बता रहे हैं, जबकि कई लोगों ने इसे हिंदू धर्मग्रंथों की गलत व्याख्या बताते हुए आपत्ति जताई है.
विवाद का केंद्र श्रीमद्भगवद्गीता का अध्याय 6, श्लोक 10 है. इस श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को योग साधना का उपदेश देते हुए कहते हैं कि योगी को एकांत स्थान में बैठकर मन और इंद्रियों को नियंत्रित करते हुए ध्यान का अभ्यास करना चाहिए. श्लोक में कहीं भी नमाज या इस्लामी उपासना पद्धति का उल्लेख नहीं मिलता. गीता का यह अध्याय ध्यान योग और आत्मसंयम पर आधारित है.
धार्मिक विषयों के जानकारों का कहना है कि अलग-अलग धर्मों की पूजा-पद्धतियों की तुलना करते समय मूल ग्रंथों और उनके संदर्भों को सही ढंग से समझना आवश्यक है. किसी भी धार्मिक ग्रंथ की व्याख्या उसके ऐतिहासिक, दार्शनिक और सांस्कृतिक संदर्भ में ही की जानी चाहिए.
फिलहाल मौलाना जरजिस अंसारी के बयान पर कोई आधिकारिक कानूनी कार्रवाई या सरकारी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. हालांकि सोशल मीडिया पर यह वीडियो लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है और विभिन्न वर्गों के लोग अपनी-अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं. ऐसे संवेदनशील मामलों में तथ्य आधारित जानकारी और संयमित प्रतिक्रिया को ही उचित माना जाता है.