ये वीडियो उत्तर प्रदेश के आगरा का है, सफेद रंग की बनियान में दिख रहे भाई साहब का नाम है इंस्पेक्टर पवन कुमार, विजिलेंस डिपार्टमेंट में तैनात हैं, और पिंक कलर की शूट में दिख रही महिला का नाम है इंस्पेक्टर शैली राणा, रकाबगंज थाने की प्रभारी हैं, मतलब दारोगा, अब दारोगा मैडम का भौकाल इतना है कि ये अपने सरकारी कमरे के अंदर इंस्पेक्टर पवन कुमार को बुलाती हैं. दोनों रंगरेलियां मनाते हैं, दरवाजा बंद होता है, तभी बाहर कुछ लोग दरवाजे पर दस्तक दे देते हैं.
इन्हें लगता है कोई मिलने आया होगा, हड़बड़ाहट में जैसे ही बाहर निकलते हैं, दारोगाजी के चेहरे की हवाईयां उड़ जाती है, बाहर खड़ी थी उनकी पत्नी और ससुराल के हट्टे-कट्टे लोग, जो पहले दारोगाजी की धुनाई करते हैं, और पूछते हैं ये बाहरवाली का चक्कर कब से चल रहा है, उसके बाद महिला इंस्पेक्टर से पूछते हैं कि शादी क्यों नहीं कर लेती. बड़ी बात ये थी कि जब रकाबगंज थाने में जब ये सब ड्रामा चल रहा था, तब वहां के पुलिसकर्मी प्यार में पड़ी अपनी दारोगा को बचाने की बजाय वीडियो बना रहे थे, 40 सेकेंड का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, पुलिस कमिश्नर जे रविन्दर गौड़ ने तुरंत मामले की जांच के आदेश दिए. एसीपी सदर डॉ. सुकन्या शर्मा ने इसकी जांच की तो पता चला पूरा मामला घरवाली और बाहरवाली का है.
इंस्पेक्टर पवन कुमार की पोस्टिंग मुजफ्फरनगर में है, दोनों की मुलाकात ड्यूटी के दौरान ही हुई थी, उसके बाद फोन पर बातचीत होने लगी और एक दिन पवन कुमार ने मिलने का प्लान बनाया, तो शैली राणा ने अपने सरकारी कमरे पर उन्हें बुला लिया, शैली राणा को लगा था कि मैं इस थाने की दारोगा हूं, तो मुझे कोई क्या ही पकड़ेगा, लेकिन पवन कुमार के घरवालों को पहले ही ये ख़बर मिल चुकी थी और उसके बाद जो हुआ उसने पूरे डिपार्टमेंट का नाम खराब कर दिया, इसीलिए जांच के तुरंत बाद अधिकारियों ने लेडी दारोगा को जहां सस्पेंड किया तो वहीं इंस्पेक्टर पवन कुमार की रिपोर्ट मुजफ्फनरगर भेज दी और इस मामले का वीडियो बनाने वाले पुलिसकर्मियों पर भी तगड़ा एक्शन लिया.
डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने देर रात मुख्य आरक्षी विशाल और हरिकेश को निलंबित कर दिया. जबकि दारोगा सुनील लांबा, दारोगा देवेंद्र, महिला थाने की मुख्य आरक्षी रेखा, सिपाही अंकित, पीआरवी पर तैनात सिपाही गिरीश और ड्राइवर राजेंद्र को लाइन हाजिर किया है. घटना स्थल पर मौजूद होमगार्ड लक्ष्मीकांत के खिलाफ होमगार्ड कमांडेंट को रिपोर्ट भेजी गई है, इन सबसे ये पूछा जा रहा है कि जब थाने के भीतर इतना बड़ा बखेड़ा खड़ा हो रहा था तो आपलोग उसे शांत कराने की बजाय वीडियो क्यों बना रहे थे, क्या पुलिस की ड्यूटी वीडियो बनाने की है.