वायनाड (केरल): भारी बारिश के बीच केरल के वायनाड जिले में एक बार फिर भूस्खलन ने कहर बरपाया है. अनक्कम्पोयिल-कल्लाड़ी-मेप्पाड़ी ट्विन टनल प्रोजेक्ट साइट के पास हुए भूस्खलन में 1 व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि 8 लोग घायल हुए हैं. करीब 7 लोग अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है.
यह घटना मीनाक्षी ब्रिज के पास हुई, जो 2024 के भयानक भूस्खलन से सबसे ज्यादा प्रभावित मुंडक्काई इलाके के करीब है. भूस्खलन के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें पहाड़ी से गाद और पेड़ों का ढेर नीचे गिरता दिख रहा है.
मंत्री बोले- मानव-निर्मित आपदा
केरल के कृषि मंत्री टी. सिद्दीक ने इसे ‘मानव-निर्मित भूस्खलन’ बताया. उन्होंने कहा कि निर्माण स्थल पर मिट्टी को अनैतिक तरीके से जमा किया गया था. जिला कलेक्टर ने कोनकण रेलवे को पहले ही चेतावनी दी थी और मलबा हटाने को कहा था, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई. मंत्री ने कहा, "दो साल पहले मुंडक्काई भूस्खलन में 298 लोगों की जान गई थी. फिर भी लापरवाही बरती जा रही है."
रेस्क्यू ऑपरेशन तेज
स्थानीय लोगों ने शुरू में कई लोगों को बचाया. NDRF, फायर एंड रेस्क्यू की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन ने आपात बैठक बुलाई. मंत्री टी. सिद्दीक और रेवेन्यू मंत्री ए.पी. अनिल कुमार को मौके पर भेजा गया है. वायनाड में पिछले 24 घंटे में 265 mm बारिश दर्ज की गई, जिसके चलते रेड अलर्ट जारी था.
वायनाड की संवेदनशीलता
यह क्षेत्र भूस्खलन के लिए अत्यंत संवेदनशील है. 2024 में हुए भूस्खलनों में सैकड़ों लोग मारे गए थे. विशेषज्ञों का कहना है कि अनियोजित निर्माण, डिफॉरेस्टेशन और भारी बारिश इसकी मुख्य वजहें हैं. अभी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. स्थिति की निगरानी की जा रही है.