भारत में एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) के दामों को लेकर आम जनता चिंतित है. जहां एक ओर सरकार 1 जनवरी 2025 को नए एलपीजी दरों की घोषणा करने वाली है, वहीं रूस में एलपीजी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. रूस में एलपीजी की कीमत में नवंबर 2024 के बाद से 50 प्रतिशत की गिरावट आई है.
रूस में LPG की कीमतों में गिरावट
रूस में एलपीजी की कीमत नवंबर 2024 के अंत में 28,000 रूबल प्रति टन थी, जो अब 14,000 रूबल (लगभग 140 डॉलर) हो गई है. यानी, रूस में एलपीजी की कीमतों में तत्काल 50 प्रतिशत की कटौती हो गई है. यह गिरावट रूस के घरेलू बाजार में एलपीजी की अधिक उपलब्धता के कारण आई है, क्योंकि यूरोपीय देशों ने रूस पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों के कारण एलपीजी का आयात कम कर दिया है.
कीमतों में गिरावट का कारण
रूस कभी एलपीजी का प्रमुख निर्यातक था, खासकर यूरोपीय देशों को. लेकिन, अब यूरोपीय देशों द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों की वजह से रूस के एलपीजी निर्यात में भारी गिरावट आई है. पोलैंड, जो रूस से सबसे ज्यादा एलपीजी आयात करता था, ने एलपीजी पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की थी. इसके बाद से रूस में एलपीजी की अधिक आपूर्ति हो रही है, जिससे कीमतों में गिरावट आई है.
रूस के निर्यात में वृद्धि
हालांकि, रूस ने अपनी एलपीजी आपूर्ति को अन्य देशों जैसे चीन, मंगोलिया, आर्मेनिया, जॉर्जिया और अजरबैजान की ओर बढ़ा दिया है. चीन रूस से अधिक एलपीजी आयात करने पर विचार कर रहा है. इस स्थिति में यह सवाल उठता है कि क्या भारत रूस से कम दामों पर एलपीजी खरीदेगा, जैसा कि उसने कच्चे तेल के मामले में किया था.
भारत में स्थिति
भारत ने 2022 में यूक्रेन युद्ध के बाद रूस से कच्चे तेल का आयात कम दामों पर किया था, जब यूरोपीय देशों ने रूस से कच्चे तेल का आयात रोक दिया था. हालांकि, एलपीजी के मामले में स्थिति अलग है, और यह देखना बाकी है कि भारत रूस से एलपीजी की कम कीमतों का फायदा उठा पाएगा या नहीं.
आखिरकार, यह भारतीय उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण सवाल है, क्योंकि एलपीजी की बढ़ती कीमतों ने घरेलू बजट को प्रभावित किया है.