हवाई अड्डे को विकसित करने के लिए एएआई के साथ समझौता-पत्र पर हुआ हस्ताक्षर
कैबिनेट ने दी मंजूरी, उड़ान योजना के तहत इन हवाईअड्डों को किया जाएगा विकसित
साथ ही पटना में पीपीपी मोड पर पांच सितारा होटल विकसित करेगी राज्य सरकार
बिहार में तेलहन-दलहन की खरीद पर भी नीतीश सरकार ने लिया बहुत बड़ा निर्णय
पटना: राज्य सरकार ने सूबे में सुगम और समुचित हवाई संपर्कता प्रदान करने के लिए छह हवाईअड्डों को विकसित करने की कवायद तेज कर दी है. इसके अंतर्गत मधुबनी, वीरपुर (सुपौल), मुंगेर, बाल्मीकीनगर (पश्चिमी चंपारण), मुजफ्फरपुर और सहरसा हवाई अड्डा को उड़ान योजना के तहत छोटे हवाई अड्डा का विकास करने के लिए नई दिल्ली स्थित भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) होने जा रहा है. इसकी स्वीकृति मंत्रिपरिषद ने दे दी है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में 20 एजेंडों पर मुहर लगी. इस बैठक के बाद लिए गए निर्णयों के बारे में मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने विस्तृत जानकारी दी. सूचना भवन के सभागार में इससे संबंधित आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच होने वाले इस समझौते से हवाई अड्डा का निर्माण कार्य जल्द पूरा हो सकेगा. इससे स्थानीय निवासियों को हवाई आमागमन में सहूलियत होने के साथ ही आर्थिक विकास में मदद मिलेगी. इसके लिए 25 करोड़ रुपए प्रत्येक हवाई अड्डा के लिए दिया गया है. इस तरह सभी छह हवाई अड्डों के लिए 125 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं.
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में अब सरकार तेलहन और दलहन की भी खरीद करेगी. इसके लिए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के स्तर से प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) के तहत राज्य में दलहन और तेलहन की अधिप्राप्ति का मूल्य मौजूदा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित किया गया है. चना का 5 हजार 650 रुपए प्रति क्विंटल, मसूर के लिए 6 हजार 700 रुपए और सरसो के लिए 5 हजार 950 रुपए प्रति क्विंटल मूल्य निर्धारित किया गया है.
इस मौके पर डॉ. एस सिद्धार्थ ने कहा कि पटना में मौजूद होटल पाटलिपुत्र अशोक के स्थान पर एक पांच सितारा होटल बनेगा. इसके लिए पीपीपी (निजी-सरकारी सहयोग) मोड पर निर्माण की मंजूरी दी गई है. इसमें सफल निविदाकर्ता पटना की कुमार इंफ्राट्रेड इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड को लेटर ऑफ अवार्ड (एलओए) निर्गत किया गया है. ताकि यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतरीन आवासन की सुविधा मिल सके. इससे राजस्व प्राप्त में बढ़ोतरी होने के साथ ही आर्थिक गतिविधि भी बढ़ेगी. यह लीज शुरुआती 60 वर्ष के अलावा 30-30 वर्ष के लिए दो बार अवधि विस्तार की जाएगी. इसके अलावा गांधी मैदान के पास मौजूद बांकीपुर सरकारी बस स्टैंड और पटना के दारोगा राय पथ पर स्थित परिवहन विभाग के कार्यालय सुल्तान पैलेस का निर्माण भी पांच सितारा होटल के तौर पर कराया जाएगा. इसके लिए जल्द ही निविदा की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है.
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और इसके अंतर्गत निदेशालयों से जुड़े मामलों का समाधान करने के लिए राजस्व परामर्शदात्री समिति का गठन किया गया है. इसका अध्यक्ष किसी सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी को अध्यक्ष बनाया जाएगा. इस समिति के गठन का उदेश्य राजस्व विशेषज्ञों की सेवा लेकर जटिल मामलों का समाधान करना है.
खान एवं भूतत्व विभाग के तहत राज्य की 5 प्रमुख नदियों सोन, किउल, फ्लगू, मोरहर और चानन का पुनर्भरण अध्ययन कराया जाएगा. यह अध्ययन सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीच्यूट लिमिटेड (सीएमपीडीआई) से कराया जाएगा. इस पर दो करोड़ 58 लाख 61 हजार रुपए का खर्च आएगा. इससे इन प्रमुख नदियों में वर्षा के दौरान बालू के जमा होने की जानकारी मिल सकेगी. इसकी मदद से पर्यावरण का ध्यान रखते हुए बालू की निकासी हो सकेगी.
सरकारी स्कूलों में होगी लिपिक की नियुक्ति
डॉ. एस सिद्धार्थ ने बताया कि राज्य के माध्यमिक या उच्च माध्यमिक स्कूलों में लिपिक के पद पर नियुक्ति होगी. इसके लिए बिहार राज्य विद्यालय लिपिक (नियुक्ति, सेवाशर्त एवं अनुशासनिक कार्रवाई) संवर्ग नियमावली-2025 की स्वीकृति कैबिनेट ने प्रदान कर दी है. इसके अंतर्गत कुल स्वीकृत पदों में 50 फीसदी पद अनुकंपा और शेष आधे पद सीधी नियुक्ति से भरे जाएंगे. इसी तरह सरकारी स्कूलों में परिचारी के खाली पदों को भरा जाएगा. इसमें भी आधे पद अनुकंपा और आधे पद सीधी बहाली से भरे जाएंगे. इसके अलावा सभी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्कूलों में पुस्तकालयाध्यक्ष (लाइब्रेरियन) के पद को मंजूरी दी गई है. इनकी नियुक्ति सीधे राज्य सरकार के स्तर से आयोग के माध्यम से की जाएगी.
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