...ये उन घुसपैठियों की तस्वीर है, जो हिंदुस्तान की सरजमीं पर बिना वैध दस्तावेज के घुस आए थे और बंगाल से कश्मीर जाने की प्लानिंग रच रहे थे. ये वहां जाकर क्या करते, क्या किसी से वहां इनका संपर्क था, क्या वहां बांग्लादेश के घुसपैठिए भी छिपे हैं, ये सब बताएं उससे पहले सुनिए ये पकड़े कैसे गए.
रेलवे की सुरक्षा में तैनात RPF को ये ख़बर मिलती है नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस ट्रेन में 14 बांग्लादेशी सवार हैं, जिनके पास वैध दस्तावेज नहीं है, जिसके आधार पर पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी रोड स्टेशन पर इन्हें पकड़ा जाता है. इनके पास से आधार कार्ड और मलेशिया की करेंसी बरामद होती है, जिससे ये शक गहरा जाता है कि आखिर ये लोग बांग्लादेशी हैं तो मलेशिया की करेंसी लेकर क्यों घूम रहे हैं, तो इसका जवाब मिलता है बांग्लादेश की हालत से.
बांग्लादेश से लाखों की संख्या में मजदूर मलेशिया जाते हैं, जिनमें से ज्यादातर लोगों पर जुल्म होता है, उन्हें न ठीक से खाना मिलता है, न रहने की जगह, दिन-रात काम करवाया जाता है. वही मलेशियाई रिंगिट वो बांग्लादेश भेजते हैं, तो सवाल ये उठ रहा है कि क्या इन बांग्लादेशियों का कोई करीबी मलेशिया में रहता है या फिर इनकी कहानी कुछ और है. क्योंकि पुलिस पूछताछ में इन्होंने ये दावा किया है कि ये कश्मीर में काम ढूंढने जा रहे थे, पर कई अवैध बांग्लादेशियों पर देश विरोधी गतिविधियों में होने का शक भी बीते दिनों सामने आया है.
ऊपर से कश्मीर में जिस हिसाब से घटनाएं होती हैं, वो इनके दावों पर कई सवाल खड़े कर रहा है. हैरानी की बात ये भी है कि दिल्ली पुलिस ने बीते महीने ही लश्कर के बांग्लादेशी मॉड्यूल को ध्वस्त किया है, और मास्टरमाइंड शब्बीर अहमद लोन को गिरफ्तार किया है, जो भारत के खिलाफ बड़ी साजिश रच रहा था. तो क्या बांग्लादेश भारत के खिलाफ बड़ी साजिश की फिराक में है. उससे पहले दिल्ली पुलिस ने 10 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया था, जो फर्जी मेडिकल वीजा पर भारत में रह रहे थे और उसके बाद बुल्गारिया जाने का प्लान बना रहे थे.
ये गिरफ्तारियां ऐसे वक्त में हुई है जब पश्चिम बंगाल में चुनाव की सीजन चल रहा है, घुसपैठियों का मुद्दा सबसे ज्यादा चर्चा में है, और कुछ लोग ये पूछ रहे हैं कि आखिर घुसपैठिए कहां हैं, तो उन्हें इनकी तस्वीर गौर से देखनी चाहिए, और ये सवाल पूछना चाहिए कि इतनी सख्ती के बाद भी आखिर हमारे देश में ये लोग घुस कैसे रहे हैं. इनकी मदद कौन कर रहा है. गृहमंत्री अमित शाह तो साफ कहते हैं ये घुसपैठिया संकट पूरे देश पर बना हुआ है, हमारी सरकार इन्हें डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट करने की तैयारी में है.
ऐसे में आपको भी अगर शक है, कोई संदिग्ध आसपास दिखे तो उसकी शिकायत पुलिस से जरूर करें. क्योंकि ये देश कोई धर्मशाला नहीं है, जो दुनियाभर के शरणार्थियों को जगह दे या फिर घुसपैठिए यहां बसकर यहीं के खिलाफ साजिश रचें.